कैथल में किसानों का चक्का जाम: पट्टे की जमीन की खुली बोली के विरोध में चीका रोड पर प्रदर्शन
May 20, 2026 5:45 PM
कैथल। हरियाणा में पट्टे की जमीनों को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। कैथल के भूना गांव में आबादकार पट्टेदारों की जमीनों की खुली बोली कराने के प्रशासनिक फैसले से नाराज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। दोपहर बाद करीब 3 बजे बड़ी संख्या में पट्टेदार किसान कांगथली गांव के पास कैथल-चीका रोड पर इकट्ठा हुए और बीच सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। इस अचानक हुए प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर दौड़ पड़ा।
'20 साल से लीज भर रहे, फिर हमें उजाड़ने की तैयारी क्यों?'
पट्टेदार संघर्ष समिति के जिला सचिव साहब सिंह संधू, अवतार सिंह और सुखविंद्र ने इस मौके पर प्रशासन के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए। किसान नेताओं का कहना था कि गुहला और सीवन ब्लॉक में करीब 10 हजार एकड़ ऐसी जमीन है, जहां सब कुछ नियमानुसार चल रहा है। लेकिन भूना गांव के किसानों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो किसान पिछले 20 सालों से ईमानदारी के साथ सरकार को लीज का पैसा दे रहे हैं, उन्हें परेशान क्यों किया जा रहा है? किसानों का आरोप है कि अधिकारी पर्दे के पीछे से कोई बड़ी साजिश रच रहे हैं ताकि यह जमीन पुराने किसानों से छीनकर चहेतों को थमाई जा सके।
बिना सूचना बोली कराने का आरोप, मालिकाना हक की उठी मांग
प्रदर्शनकारी किसानों ने शासन और प्रशासन की दोहरी नीति पर भी उंगली उठाई। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार आबादकार पट्टेदारों को इन जमीनों का मालिकाना हक देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनों को उनके हाथ से निकालने के लिए बिना किसी पूर्व सूचना के खुली बोली रख दी जाती है। किसानों ने दोटूक कहा कि अगर कोई पट्टेदार लीज नहीं भरता, तो उसकी जमीन की बोली लगाना जायज है, लेकिन नियम मानने वालों के साथ यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की मांग है कि जो लोग सालों से इस जमीन पर खेती कर अपना पेट पाल रहे हैं, यह जमीन उन्हीं के पास रहनी चाहिए।
नायब तहसीलदार की मध्यस्थता के बाद खुला जाम, बातचीत से निकलेगा रास्ता
जाम की खबर मिलते ही गुहला के नायब तहसीलदार बलराज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र हो रहे किसानों को शांत कराने का प्रयास किया और उनकी मांगों को सुना। नायब तहसीलदार बलराज सिंह ने बताया कि किसानों की मुख्य चिंता पट्टेदारी बदले जाने और मालिकाना हक को लेकर है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि इस मामले को जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभाग के सामने मजबूती से रखा जाएगा और पट्टेदारों के प्रतिनिधिमंडल की अधिकारियों से सीधी बातचीत कराकर इस समस्या का कोई सम्मानजनक समाधान निकाला जाएगा। इस भरोसे के बाद किसानों ने करीब आधे घंटे बाद जाम खोल दिया।