8 लाख के लोन क्लेम पर मांग रही थी 10% कमीशन, 60 हजार लेते रंगे हाथों पकड़ी गई लेडी अधिकारी
Jun 04, 2026 11:30 AM
कैथल। कैथल में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एचडीएफसी बैंक में कार्यरत महिला इन्वेस्टिगेटर ऑफिसर मुकेश को आज स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। एसीबी के अधिकारियों का मानना है कि बैंक फाइनेंस और इंश्योरेंस क्लेम के नाम पर होने वाला यह भ्रष्टाचार सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। रिमांड के दौरान ब्यूरो यह कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगा कि इस घूस की रकम का कोई हिस्सा बैंक के ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारियों तक तो नहीं पहुंच रहा था, या फिर आरोपी महिला पहले भी कई अन्य ग्राहकों को इस तरह अपना शिकार बना चुकी है।
पिता की मौत के बाद एनओसी के लिए भटक रहा था बेटा
यह पूरा मामला कलायत के रहने वाले एक युवा रमन की शिकायत पर सामने आया। रमन के मुताबिक, उनके दिवंगत पिता ने एचडीएफसी बैंक से एक लोन लिया था। पिता की मृत्यु के बाद नियमानुसार उस लोन की राशि का बीमा क्लेम मिलना था और लोन पूरी तरह माफ होकर एनओसी (NOC) जारी होनी थी। जब रमन इस कागजी कार्रवाई को पूरा कराने के लिए बैंक के चक्कर काट रहा था, तब उसकी मुलाकात बैंक की जांच अधिकारी मुकेश से हुई। मुकेश ने मदद करने के बजाय रमन के सामने कुल क्लेम राशि (लगभग 8 लाख रुपये) का 10 फीसदी हिस्सा यानी 80 हजार रुपये बतौर कमीशन देने की शर्त रख दी।
ऑडियो क्लिप बनी अकाट्य सबूत, ऐसे फंसी लेडी अफसर
रमन रिश्वत देने के मूड में बिल्कुल नहीं था। उसने समझदारी दिखाते हुए महिला अधिकारी के साथ हुई सौदेबाजी की पूरी बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। इस पुख्ता सबूत के साथ रमन ने करनाल स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो के दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही एसीबी के इंस्पेक्टर सूबे सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, रमन को केमिकल लगे हुए नोट देकर बैंक भेजा गया। पहली किस्त के रूप में जैसे ही महिला अधिकारी ने 60 हजार रुपये पकड़े, घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। नोट छूते ही महिला के हाथ गुलाबी हो गए।
जांच के दायरे में आएंगे बैंक के कई और कर्मचारी
एसीबी के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और गिरफ्तारी के बाद की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक जैसे संवेदनशील संस्थान में जनता के पैसों और दावों के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिमांड के दौरान महिला के मोबाइल कॉल डिटेल्स और पुराने क्लेम सेटलमेंट के रिकॉर्ड्स खंगाले जाएंगे। यदि इस रैकेट में बैंक के किसी अन्य कर्मचारी या बिचौलिए की संलिप्तता के सबूत मिलते हैं, तो उन पर भी शिकंजा कसा जाना तय है।