कैथल में बिजली संकट पर भड़के ग्रामीण, कुराड़ के लोगों ने बिजली दफ्तर का घेराव कर काटा हंगामा
May 21, 2026 3:21 PM
कैथल। हरियाणा के कैथल जिले में भीषण गर्मी के बीच बिजली-पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसी समस्या को लेकर जिले के गांव कुराड़ के ग्रामीण मंगलवार को भड़क गए और सीधे बिजली निगम के कार्यालय पर धावा बोल दिया। अघोषित बिजली कटौती और सुस्त पड़े सिस्टम से नाराज ग्रामीणों ने दफ्तर के बाहर जमकर नारेबाजी की। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारियों को तुरंत मौके पर दौड़ना पड़ा।
न बिजली न पानी, भीषण गर्मी में बेहाल हुए ग्रामीण
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे ग्रामीण सुनील, प्रदीप, संजय और मनोज ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस चिलचिलाती धूप और पारे के रिकॉर्ड तोड़ते दौर में ग्रामीण इलाकों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि गांव में वैसे तो बमुश्किल 10 से 12 घंटे ही बिजली नसीब हो रही है, लेकिन उस पर भी निगम कब और कितनी देर का कट लगा दे, इसका कोई भरोसा नहीं है। इस अघोषित कटौती का सीधा असर अब गांव की पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। बिजली न रहने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे गांव की गलियों में पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा, अधिकारियों को देना पड़ा जवाब
कार्यालय पर भारी भीड़ जुटने और हंगामे की सूचना मिलते ही कलायत थाना से सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र हो रहे ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर तलब किया। सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि पुलिस प्रशासन उनकी हर जायज समस्या के समाधान के लिए उनके साथ खड़ा है और विभाग से इसका तुरंत हल निकाला जाएगा।
ओवरलोडिंग का हवाला, नया ट्रांसफार्मर लगाने के वादे पर थमा प्रदर्शन
हंगामे के बीच बिजली निगम के एसडीओ जितेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने तकनीकी मजबूरी समझाते हुए कहा कि रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर पर अचानक लोड बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिसकी वजह से ट्रिपिंग और कट की समस्या आ रही है। उन्होंने केवल कुराड़ ही नहीं, बल्कि कई अन्य इलाकों में भी ऐसी दिक्कत होने की बात स्वीकार की। एसडीओ ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि गांव के लोड को बांटने के लिए जल्द ही एक नया अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रखवाया जाएगा, जिससे सप्लाई सुचारू हो सके। इस ठोस भरोसे के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना खत्म किया और शांत होकर घर लौटे।