Search

कैथल में कचरे का संकट: सफाईकर्मियों की हड़ताल से सड़कों पर जमा हुआ 550 टन कूड़ा

May 13, 2026 2:15 PM

कैथल। अपनी लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल ने कैथल शहर की सूरत बिगाड़कर रख दी है। पिछले कई दिनों से झाड़ू न लगने और कचरा न उठने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। आलम यह है कि कैथल की गलियों और मुख्य बाजारों में करीब 550 टन कचरे का पहाड़ खड़ा हो गया है, जिससे उठने वाली सड़ांध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मंगलवार को हड़ताली कर्मचारियों ने जनता के बीच जाकर पंपलेट बांटे और अपनी मजबूरी बताते हुए समर्थन की अपील की।

नगर परिषद के गेट पर ही लग गया 'गंदगी का ढेर'

हड़ताल का असर सबसे ज्यादा सरकारी दावों की दहलीज पर दिख रहा है। नगर परिषद का मुख्य गेट, जहां से शहर की सफाई की योजनाएं बनती हैं, वहीं अब कूड़े का डंपिंग स्टेशन नजर आ रहा है। इसके अलावा अंबाला रोड और करनाल रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर कचरा सड़कों तक फैल गया है। राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों को रूमाल बांधकर इन रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। शहर के प्रवेश द्वारों पर लगे ये ढेर प्रशासन के 'स्वच्छता सर्वेक्षण' के दावों की पोल खोल रहे हैं।

550 टन कचरा: महामारी का मंडरा रहा खतरा

अनुमान के मुताबिक, शहर के अलग-अलग कोनों में अब तक 550 टन से ज्यादा कचरा जमा हो चुका है। हालांकि, नगर परिषद प्रशासन 'डोर-टू-डोर' कचरा उठाने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत में गलियां कूड़े से पटी पड़ी हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बाजारों में फैली गंदगी के कारण ग्राहक दुकानों तक आने से कतरा रहे हैं, जिससे कारोबार चौपट होने की कगार पर है। भीषण गर्मी के बीच इस गंदगी से अब शहर में बीमारियां फैलने का डर भी सताने लगा है।

"सहयोग करें शहरवासी": कर्मचारियों की भावुक अपील

एक तरफ शहर गंदगी से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ सफाई कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। मंगलवार को कर्मचारियों ने शहरवासियों के बीच जाकर पर्चे बांटे। सफाई कर्मचारी नेता शिवचरण ने स्पष्ट कहा, "हम शहर को गंदा नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार हमें मजबूर कर रही है। जब तक हमारी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, यह हड़ताल 14 मई तक जारी रहेगी।" कर्मचारियों ने जनता से आग्रह किया कि वे इस लड़ाई में उनका साथ दें क्योंकि यह उनके हक और सम्मान का सवाल है।

प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती

सफाईकर्मियों और प्रशासन के बीच बढ़ता यह गतिरोध अब जिला प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। अगर अगले 48 घंटों में कोई बीच का रास्ता नहीं निकला, तो कैथल की स्थिति और भयावह हो सकती है। फिलहाल, जनता हड़ताल और प्रशासन की सुस्ती के बीच पिस रही है।


You may also like:

Please Login to comment in the post!