चुनाव आयोग को भाजपा की मशीनरी बनाया; कैथल में सुशील गुप्ता ने केंद्रीय एजेंसियों को घेरा
Jun 14, 2026 4:19 PM
कैथल। हरियाणा की सियासत में इन दिनों कानून व्यवस्था और बढ़ते नशे का मुद्दा गरमाया हुआ है। इसी कड़ी में कैथल के एक निजी फार्म हाउस पर आयोजित आम आदमी पार्टी के जिला स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेशाध्यक्ष सुशील गुप्ता ने खट्टर-सैनी सरकार की नीतियों को जमकर कोसा। मीडिया से मुखातिब होते हुए गुप्ता ने दोटूक कहा कि आज हरियाणा की पहचान एक शांत प्रदेश की न रहकर गैंगस्टरों के गढ़ के रूप में होने लगी है। उन्होंने कहा, "देश का ऐसा कोई कुख्यात गिरोह नहीं है, जिसके गुर्गे आज हरियाणा की धरती पर तांडव न मचा रहे हों। हर गुजरते दिन के साथ हत्या, डकैती और सरेआम रंगदारी के मामले सामने आ रहे हैं। सूबे में पूरी तरह जंगलराज कायम हो चुका है।"
पंजाब और हरियाणा के नशे की तुलना; सीएम पर कसा तंज
सुशील गुप्ता के तेवर यहीं नहीं थमे। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री के पंजाब दौरों और उनके बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब की धरती पर जाकर 'नकली सरदार' बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें अपने राज्य की जमीनी हकीकत दिखाई नहीं देती। गुप्ता ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने नशे के नेटवर्क की कमर तोड़ दी है, जबकि हरियाणा में स्थिति इसके उलट है। आज हरियाणा के गांवों और कस्बों में नशा इस कदर पांव पसार चुका है कि युवाओं का भविष्य अंधकार में है। रोजगार के अभाव और नशे के बढ़ते जाल के कारण सूबे के युवाओं को अपनी पुश्तैनी जमीनें बेचकर जान जोखिम में डालकर विदेशों की तरफ रुख करना पड़ रहा है।
'चुनाव आयोग को भाजपा की मशीनरी बना दिया'— केंद्रीय तंत्र पर उठाए सवाल
देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं का जिक्र करते हुए आप प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था को अपनी निजी मशीनरी में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के दम पर चुनाव जीतना और जनता का दिल जीतना दो अलग बातें हैं। भाजपा केवल भय और ध्रुवीकरण की राजनीति करना जानती है। जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए केवल धर्म और जाति के नाम पर नफरत फैलाई जा रही है, और जो कोई भी आवाज उठाता है, उसे दबाने के लिए ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
'सरकार की नीयत में खोट, अमेरिका की गुलाम बनी केंद्र सरकार'
दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर हरियाणा के विकास का खाका खींचते हुए सुशील गुप्ता ने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ हो, तो सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की कायाकल्प करना कोई मुश्किल काम नहीं है। लेकिन मौजूदा सरकार को सूबे की शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों से कोई सरोकार नहीं है। केंद्र की आर्थिक नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि देश की सरकार अमेरिकी नीतियों के दबाव में काम कर रही है, जिसके चलते तेल और रसोई गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं और आम आदमी महंगाई के बोझ तले दबा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष रणबीर लोहान, जिला प्रधान जगमग मटौर और पूर्व प्रत्याशी मास्टर सतबीर गोयत सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिन्होंने आने वाले समय में प्रदेश के भीतर पार्टी संगठन को मजबूत करने की रणनीति साझा की।