इंद्री में बनेगी ज्यूडिशियल और रेवेन्यू आवासीय कॉलोनी, डीसी और जिला जज ने किया जमीन का फाइनल निरीक्षण
Jun 04, 2026 12:20 PM
इंद्री। इंद्री उपमंडल में कार्यरत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द ही एक आधुनिक और सुविधायुक्त आवासीय परिसर की सौगात मिल सकती है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए वीरवार को जिला प्रशासन और न्यायिक विभाग के आला अधिकारी खुद फील्ड में उतरे। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा ने संयुक्त रूप से इंद्री का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कॉलोनी के लिए चिन्हित की गई जमीनों के अलग-अलग टुकड़ों की भौगोलिक स्थिति को देखा और यह आंका कि भविष्य के विस्तार के लिहाज से कौन सी जगह सबसे उपयुक्त रहेगी।
पीडब्ल्यूडी विभाग परखेगा जमीन की मजबूती, एसडीएम को सौंपी कमान
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कार्यशैली में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद उपमंडल अधिकारी (नागरिक) डॉ. रमन गुप्ता को निर्देश दिए कि वे लोक निर्माण विभाग (B&R) के अभियंतों की एक विशेष टीम से इस पूरी प्रस्तावित भूमि की 'फिजिबिलिटी रिपोर्ट' तैयार करवाएं। इस रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि जमीन पर जलभराव की स्थिति क्या है, मुख्य सड़कों से इसकी कनेक्टिविटी कैसी है और यहां बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में कोई तकनीकी बाधा तो नहीं आएगी। इसके साथ ही कॉलोनी का एक विस्तृत लेआउट प्लान और नक्शा भी जल्द से जल्द मुख्यालय भेजने को कहा गया है।
तालमेल के साथ काम करेंगे दोनों विभाग
इस आवासीय परिसर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें ज्यूडिशियरी (न्यायिक) और एग्जीक्यूटिव (राजस्व प्रशासन) दोनों के ही स्टाफ के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाएंगे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शारदा ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के स्थान के नजदीक ही बेहतर आवास मिलना उनकी कार्यकुशलता को बढ़ाता है। इस प्रोजेक्ट को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि इसमें रहने वाले परिवारों को सुरक्षा, हरियाली और बुनियादी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरे के दौरान अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) उदय प्रताप, स्थानीय तहसीलदार विनोद कुमार, नायब तहसीलदार गौरव शर्मा सहित लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के कई कानूनगो व पटवारी भी रिकॉर्ड के साथ तैनात रहे। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर अंतिम मुहर लगते ही बजट एलोकेशन और टेंडर की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।