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इन्द्री के नन्हेड़ा गांव में खुली 'अटल पुस्तकालय', अब गांव में ही अफसर बनेंगे होनहार छात्र

Jun 09, 2026 4:57 PM

इन्द्री। ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें मुख्यधारा की प्रतियोगिताओं के काबिल बनाने के लिए संसाधनों का होना बेहद जरूरी है। इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाते हुए इन्द्री उपमंडल के गांव नन्हेड़ा में 'अटल पुस्तकालय' का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस नवनिर्मित लाइब्रेरी के शुरू होने से गांव के विद्यार्थियों और युवाओं के बीच हर्ष का माहौल है। उद्घाटन समारोह के दौरान शिक्षा जगत से जुड़े दिग्गजों और गांव की मोजिज शख्सियतों ने हिस्सा लेकर युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।

ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं का नया केंद्र बनेगा पुस्तकालय

उद्घाटन समारोह में विशेष रूप से पहुंचे गांव के वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षक धर्मराज गांधी ने फीता काटने के बाद मौजूद जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने एक शिक्षक के नजरिए से इस पुस्तकालय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:

"किसी भी सभ्य समाज के निर्माण में पुस्तकालयों की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी होती है। इस अटल पुस्तकालय के खुल जाने से नन्हेड़ा और आसपास के ग्रामीण युवाओं को पढ़ाई का एक शांत और समृद्ध माहौल मिलेगा। अब हमारे बच्चे यहीं बैठकर यूपीएससी, बैंकिंग, एसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। यह लाइब्रेरी ज्ञान और अध्ययन का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगी।"

सरकार और विधायक का जताया आभार: सरपंच शशि काम्बोज

 सरपंच शशि काम्बोज ने इसे नन्हेड़ा के विकास में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने की सरकारी नीतियों की सराहना की। सरपंच ने कहा कि आज के दौर में जब शिक्षा पूरी तरह डिजिटल और एडवांस हो रही है, ऐसे समय में गांवों में पुस्तकालयों का होना किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने इस सौगात के लिए सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और इन्द्री के लोकप्रिय विधायक रामकुमार कश्यप का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनके प्रयासों से यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरा।

ग्रामीणों में खुशी, कहा- "शहरी निर्भरता होगी कम"

समारोह के समापन पर उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं ने इस पहल का तालियां बजाकर स्वागत किया। स्थानीय युवाओं का कहना था कि पहले अच्छी किताबों और शांत माहौल में पढ़ने के लिए उन्हें कुरुक्षेत्र, करनाल या इन्द्री शहर का रुख करना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। अब घर के पास ही यह सुविधा मिलने से उनकी पढ़ाई को नई रफ्तार मिलेगी। इस गरिमामयी अवसर पर लैब अटेंडेंट उमा, प्रवीन गिल, पंच अनिल कुमार, पवन कुमार, ईमन कुमार और सुदर्शन लाल सहित भारी संख्या में ग्रामीण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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