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पायलट बनना हुआ ढाई गुना महंगा! करनाल फ्लाइंग क्लब में बीच कोर्स में फीस बढ़ाने पर रोष

Jun 01, 2026 1:12 PM

करनाल। हरियाणा के करनाल स्थित नेवल हवाई पट्टी पर आसमान छूने का सपना देख रहे भविष्य के पायलटों के पर कतरने की तैयारी कर ली गई है। ईंधन की बढ़ती कीमतों और प्रशासनिक खर्चों का हवाला देकर सरकार ने फ्लाइंग ट्रेनिंग की फीस में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी कर दी है। जो कोर्स पहले 20 लाख रुपये में पूरा होता था, उसके लिए अब छात्रों से 45 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। इस तुगलकी फरमान के खिलाफ नेवल फ्लाइंग क्लब के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने सोमवार को ट्रेनिंग ठप कर हवाई पट्टी के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का साफ कहना है कि बीच मंझधार में फीस बढ़ाकर सरकार उनके करियर को बर्बाद करने पर तुली है।

2 साल का कोर्स 3 साल में भी अधूरा, विमानों का टोटा

रोहतक की रहने वाली ट्रेनी पायलट अंजलि ने अपनी आपबीती सुनाते हुए मैनेजमेंट की पोल खोली। अंजलि के मुताबिक, उसने साल 2022 में इस उम्मीद के साथ दाखिला लिया था कि 20 लाख रुपये में दो साल के भीतर उसका कोर्स पूरा हो जाएगा। लेकिन आज तीन साल बीत जाने के बाद भी उसकी ट्रेनिंग अधूरी है। इसका कारण छात्रों की लापरवाही नहीं, बल्कि फ्लाइंग क्लब में विमानों की भारी कमी और लचर मैनेजमेंट है। अंजलि ने कहा कि हमारे माता-पिता ने जैसे-तैसे जमीन या प्लॉट बेचकर 20 लाख रुपये का इंतजाम किया था, अब अचानक 25 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ हम कहां से उठाएंगे?

'बेटी पढ़ाओ' के नारे पर उठे गंभीर सवाल

इस विरोध प्रदर्शन में शामिल दिल्ली की रीना ने सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब कोर्स के कुल घंटे 200 ही फिक्स हैं, तो अचानक प्रति घंटा रेट को 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करना किस कानून के तहत जायज है? रीना ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सरकार 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ बेटियों को आसमान में उड़ान भरने से रोकने के लिए इतनी महंगी फीस थोप दी जाती है। अगर यह फीस वापस नहीं हुई, तो मध्यमवर्गीय परिवारों की बेटियों का पायलट बनने का सपना हमेशा के लिए टूट जाएगा।

पूर्वोत्तर के राज्यों से करनाल आए छात्रों की बढ़ी मुसीबत

सिर्फ हरियाणा या दिल्ली ही नहीं, बल्कि करनाल का यह सेंटर पूरे देश के छात्रों के लिए किफायती ट्रेनिंग का केंद्र था। त्रिपुरा से करनाल आए सायन ने बताया कि नॉर्थ-ईस्ट (पूर्वोत्तर) में कोई सरकारी फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट न होने के कारण उन्हें यहां आना पड़ा था। साल 2023 में जब प्राइवेट संस्थान 30 से 32 लाख रुपये ले रहे थे, तब करनाल में 20 लाख रुपये फीस थी। सायन ने बताया कि उनकी 60 घंटे की फ्लाइंग हो चुकी है और 140 घंटे बाकी हैं। अब बीच कोर्स में फीस बढ़ाकर 42 से 45 लाख रुपये कर दी गई है। अगर वे अब पीछे हटते हैं, तो उनके अब तक के लाखों रुपये और दो साल की मेहनत पूरी तरह मिट्टी में मिल जाएगी।

नए छात्रों पर लागू हो नियम, आंदोलन की चेतावनी

हवाई पट्टी पर डटे छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर नागरिक उड्डयन विभाग को ईमेल के जरिए भी अपनी शिकायत भेज चुका है, लेकिन वहां से कोई सहानुभूति मिलने की बजाय उन्हें प्रदर्शन खत्म न करने पर सस्पेंड करने की धमकियां दी जा रही हैं। आंदोलनकारी छात्रों की बेहद तार्किक मांग है कि अगर सरकार को फीस बढ़ानी ही है, तो वह इसे नए सत्र से आने वाले नए छात्रों पर लागू करे। जो पुराने छात्र पहले ही 10 लाख रुपये तक जमा कर चुके हैं, उनके साथ इस तरह का विश्वासघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस नहीं होता, उनका धरना जारी रहेगा।

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