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कुरुक्षेत्र के दो शातिर करनाल पुलिस के जाल में फंसे; पहले बेचा खुद का ट्रक

May 29, 2026 5:56 PM

करनाल। अपराधी कितना भी शातिर क्यों ना हो, कानून के हाथ उसकी गर्दन तक पहुंच ही जाते हैं। करनाल के बुटाना थाना इलाके में एक शख्स ने इंश्योरेंस कंपनी और पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लखपति बनने का जो ताना-बाना बुना था, वह ताश के पत्तों की तरह ढह गया। मामला इसी महीने की 6 मई से जुड़ा है, जब कुरुक्षेत्र के थानेसर (गांधी नगर) के रहने वाले बलबीर सिंह ने पुलिस को एक तहरीर दी।

शिकायत में कहा गया था कि उसका ट्रक समाना बाहु जीटी रोड पर स्थित एक नामचीन ढाबे के सामने खड़ा था, जिसे रात के अंधेरे में कोई अज्ञात गिरोह उड़ा ले गया। हाईवे पर ट्रक चोरी की इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी।

ढाबे के चक्कर काटती रही पुलिस, मोबाइल टावर ने खोल दी आरोपियों की पोल

थाना प्रबंधक राजपाल सिंह के कुशल नेतृत्व में गठित टीम, जिसके इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर (एसआई) सचिन कुमार थे, ने जब तफ्तीश की कमान संभाली, तो शुरुआत से ही शिकायतकर्ता के बयानों में झोल नजर आया। पुलिस ने जब ढाबे के आस-पास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और वारदात वाली रात की कड़ियों को आपस में जोड़ा, तो कहानी मेल नहीं खा रही थी। इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) का सहारा लिया।

जैसे ही बलबीर और उसके कुरुक्षेत्र निवासी साथी अमरजीत सिंह के मोबाइल नंबरों की लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR) निकाली गई, सच आईने की तरह साफ हो गया। कड़ाई से की गई पूछताछ के आगे दोनों आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सके और उन्होंने कबूल किया कि ट्रक चोरी नहीं हुआ था, बल्कि कर्ज से उबरने या यूं कहें कि रातों-रात मोटा पैसा कमाने के लालच में उन्होंने यह स्वांग रचा था।

दोनों शातिर कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार; पुलिस खंगाल रही है पिछला रिकॉर्ड

बुटाना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बलबीर सिंह और अमरजीत सिंह को उनके कुरुक्षेत्र स्थित ठिकानों से धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, पुलिस को गुमराह करने और जाली दस्तावेज तैयार करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

फिलहाल दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने यह ट्रक किसे बेचा था और क्या इस अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी में परिवहन विभाग (आरटीओ) या किसी बीमा एजेंट की भी मिलीभगत तो नहीं थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन दोनों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है या इन्होंने पहले भी इस तरह की किसी वारदात को अंजाम दिया है।

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