Search

Karnal News: करनाल पुलिस की बड़ी नाकामी: पैर में गोली लगा बदमाश अस्पताल से फरार

May 29, 2026 5:49 PM

करनाल। (मनोज ठाकुर) करनाल के तरावड़ी में सीआईए-1 (CIA) की टीम ने 25 मई को एक मुठभेड़ के बाद पेट्रोल पंप लुटेरे गुरजीत सिंह को दबोचा था। एनकाउंटर के दौरान उसके कूल्हे के पास पैर में गोली लगी थी। डॉक्टर ने उसे सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड (तीसरी मंजिल) में दाखिल किया था। पैर में गोली लगी होने के कारण माना जा रहा था कि वह हिलने-डुलने की स्थिति में नहीं है, इसलिए पुलिस ने थोड़ी ढील बरत दी।

गुरुवार और शुक्रवार की आधी रात करीब 12 बजे जैसे ही तेज आंधी-तूफान शुरू हुआ, अस्पताल की बत्ती गुल हो गई। बस इसी दो से ढाई मिनट के अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश ने खुद को बेडशीट में लपेटा और वार्ड से रफूचक्कर हो गया। जब बिजली वापस आई तो ड्यूटी पर तैनात जवानों के होश उड़ गए; बेड खाली था और आरोपी गायब।

सीसीटीवी में कैद हुई हड़बड़ाहट, तीसरी मंजिल से कैसे उतरा घायल बदमाश?

अस्पताल के पीएमओ (PMO) डॉ. बलवान सिंह ने बताया कि शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे डीएसपी राजीव का फोन आया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने तुरंत अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया। फुटेज में बिजली आने के बाद पुलिसकर्मी गलियारों में बदहवास होकर इधर-उधर भागते और तलाश करते नजर आ रहे हैं।

अब सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि जिस बदमाश के पैर में गोली लगी थी, वह महज दो मिनट के भीतर हथकड़ी खोलकर तीसरी मंजिल से नीचे कैसे उतर गया? बेड पर बंद लावारिस हथकड़ी चीख-चीख कर पुलिसिया मुस्तैदी की पोल खोल रही है। चर्चा इस बात की भी है कि क्या इस फरारी में किसी अंदरूनी सूत्र या बाहरी मददगार का हाथ था?

तरावड़ी पेट्रोल पंप पर चलाई थी गोली, कई जिलों की पुलिस को थी तलाश

गुरजीत सिंह कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है। उसने इसी महीने 2 मई को तरावड़ी के चौधरी पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने के बहाने पिस्तौल तानकर कैश लूटने की कोशिश की थी। जब वहां मौजूद कर्मचारियों ने दिलेरी दिखाते हुए उसका विरोध किया, तो उसने उन पर सीधी फायरिंग कर दी और भाग निकला। यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई थी, जिसके बाद से करनाल सहित सोनीपत, कुरुक्षेत्र और पलवल की पुलिस उसकी कुंडली खंगाल रही थी।

फिलहाल, घायल पैर के साथ भागे इस वांटेड क्रिमिनल को दोबारा पकड़ने के लिए करनाल पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। लेकिन चार-चार जवानों के घेरे से एक घायल कैदी का इस तरह निकल जाना, करनाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा गया है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!