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Karnal News: करनाल में 2.90 लाख की 'लूट' का चौंकाने वाला खुलासा, जीजा ने खुद रची थी साज़िश

Jun 01, 2026 1:16 PM

करनाल। करनाल के जुंडला-बांसा रोड पर रविवार की रात उस समय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जब कंट्रोल रूम को एक राहगीर से करीब तीन लाख रुपये की डकैती की सूचना मिली। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सीआईए (CIA) और स्थानीय थानों की टीमें सायरन बजाती हुई घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़ीं। मौके पर डायल-112 के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर चंद्रभान को पवन कुमार (48) नामक व्यक्ति बदहवास हालत में मिला, जिसने रोते हुए आपबीती सुनाई कि किस तरह बदमाशों ने उसकी जिंदगी भर की कमाई छीन ली।

'बाइक से गिराया, हाथ-पैर बांधे और नगदी ले उड़े'— क्या थी पवन की कहानी?

मूल रूप से जुंडला के रहने वाले और फिलहाल रामनगर में कोरियर का काम करने वाले पवन ने पुलिस को बताया कि उसने अपना एक प्लॉट बेचा था। उसी सौदे के 2 लाख 90 हजार रुपये बैग में रखकर वह रात करीब 10 बजे बाइक से घर लौट रहा था। पवन के मुताबिक:

"रास्ते में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवकों ने मेरी बाइक को जोरदार टक्कर मारी। मेरे गिरते ही उन्होंने मुझसे मारपीट शुरू कर दी और पहचान छुपाने के लिए मेरे ही कपड़ों से मेरे हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद वे पैसों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।"

इतना ही नहीं, पवन के समर्थन में पहुंचे उसके रिश्तेदार ऋषिदेव और राकेश ने भी पुलिस के सामने इस बात की तस्दीक की कि पवन प्लॉट के पैसे लेकर ही निकला था और उसके साथ बड़ी वारदात हुई है।

बयानों के झोल ने खोला राज; हमदर्द बनी पुलिस ने जब दिखाई सख्ती

वारदात की जगह सुनसान थी, लेकिन तफ्तीश के दौरान पुलिस को पवन की बातों पर शक होने लगा। जब तफ्तीश अधिकारियों ने उससे पूछा कि बदमाश किस तरफ भागे और उनके हुलिए क्या थे, तो पवन सकपका गया। वह कभी बदमाशों की संख्या तीन बताने लगता तो कभी चार। जब पुलिस ने पूछा कि हाथ-पैर बंधे होने के बावजूद उसने जेब से फोन निकालकर तुरंत कॉल कैसे की, तो उसके पास कोई जवाब नहीं था।

सदर थाना प्रभारी (SHO) तरसेम चंद ने बताया कि जब शक की सुई पवन पर घूमी, तो उसे थाने लाकर मनोवैज्ञानिक तरीके से सख्ती बरती गई। कुछ ही मिनटों की पूछताछ में पवन का सारा रोना-धोना बंद हो गया और उसने कबूल किया कि उसके साथ कोई लूट नहीं हुई थी, बल्कि पूरी कहानी उसने खुद गढ़ी थी।

साले को नहीं देने थे पैसे, इसलिए खुद को ही बना लिया 'शिकार'

पुलिसिया पूछताछ में जो सच निकलकर सामने आया, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। दरअसल, पवन ने प्लॉट तो बेचा था और उसके पास पैसे भी थे, लेकिन इस रकम में से एक बड़ा हिस्सा उसे अपने साले को चुकाना था। साला पिछले काफी समय से अपने पैसे वापस मांग रहा था। साले के तगादे से बचने और रकम को डकारने के लिए पवन ने यह आत्मघाती रास्ता चुना। उसने सोचा कि अगर वह लूट की कहानी रच देगा, तो साला पैसे नहीं मांगेगा और पुलिस भी हमदर्दी दिखाएगी।

अब भुगतना होगा अंजाम; गुमराह करने पर दर्ज हुआ मुकदमा

एसएचओ तरसेम चंद ने साफ किया है कि पुलिस का समय और संसाधन बेहद कीमती हैं। पवन ने न केवल अपने परिवार और रिश्तेदारों को धोखे में रखा, बल्कि झूठी कहानी गढ़कर पुलिस महकमे को आधी रात को सड़क पर दौड़ाया। पुलिस ने अब आरोपी पवन के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और कानून को गुमराह करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य में उन लोगों के लिए सबक बनेगी जो अपने निजी स्वार्थ या आपसी विवादों को निपटाने के लिए अपराध का झूठा नाटक रचते हैं।

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