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करनाल पुलिस की कस्टडी से भागा 5 राज्यों का 'मोस्ट वांटेड' बदमाश, अस्पताल के प्रिजनर वार्ड में तैनात थे 4 जवान

May 29, 2026 11:16 AM

करनाल। करनाल में कानून व्यवस्था और पुलिसिया चौकसी पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। पुलिस की गिरफ्त में आया एक ऐसा शातिर अपराधी, जो पांच राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, वह करनाल के सरकारी अस्पताल से फिल्मी अंदाज में फरार हो गया। पंजाब के खरड़ निवासी गुरजीत सिंह (पुत्र प्रभजोत सिंह) को पैर में गोली लगी थी और वह अस्पताल के प्रिजनर वार्ड में उपचाराधीन था। कायदे से इलाज पूरा होने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेना था, ताकि उससे अंतर्राज्यीय वारदातों के राज उगलवाए जा सकें। लेकिन बीती रात करीब 12 बजे हुए इस घटनाक्रम ने पुलिस की मुस्तैदी की कलई खोलकर रख दी है। जैसे ही इसके भागने की खबर वायरलेस पर गूंजी, पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में नाकेबंदी की गई, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

चार जवानों की गार्द सोती रही, टांग में गोली खाया बदमाश दीवार लांघ गया?

इस फरारी ने इसलिए भी सबको चौंका दिया है क्योंकि वार्ड के बाहर बकायदा चार जवानों की गार्द तैनात थी। सवाल उठ रहे हैं कि जिस मुस्तैदी का दावा पुलिस करती है, वह उस वक्त कहां थी जब एक पैर से लाचार बदमाश सुरक्षा घेरे को तोड़ रहा था। क्या यह महज लापरवाही है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी सांठगांठ है, यह जांच का विषय है। फिलहाल जिला पुलिस के आला अधिकारी इस मामले पर कुछ भी स्पष्ट बोलने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक ड्यूटी पर तैनात जवानों के खिलाफ गाज गिरना तय है।

आवर्धन नहर पर हुई थी मुठभेड़; 23 दिन की मशक्कत पर फिरा पानी

गुरजीत सिंह को पकड़ने के लिए सीआईए-1 की टीम ने लंबी घेराबंदी की थी। 2 मई को तरावड़ी के एक पेट्रोल पंप पर हुई वारदात के बाद से ही पुलिस इसकी प्रोफाइल खंगाल रही थी। आखिरकार 23 दिनों की लुकाछिपी के बाद 25 मई को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी मेरठ रोड पर आवर्धन नहर के पास किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में बिना नंबर की बाइक पर घूम रहा है। जब सीआईए ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके कूल्हे के पास टांग में लगी, जिसके बाद उसे एक पिस्टल और बाइक के साथ दबोच लिया गया था।

तरावड़ी पेट्रोल पंप पर दिखाई थी दिलेरी, कर्मचारियों की हिम्मत से टली थी बड़ी लूट

इस पूरे विवाद की जड़ 2 मई की तड़के हुई वो वारदात है, जो तरावड़ी के चौधरी पेट्रोल पंप पर सीसीटीवी में कैद हुई थी। सुबह करीब सवा चार बजे आरोपी काले रंग की बिना नंबर वाली बाइक से आया। उसने ₹100 का पेट्रोल डलवाया और जैसे ही सेल्समैन सुरेश कुमार पैसे लेकर शोरूम की तरफ मुड़ा, आरोपी ने पीछे से आकर पिस्तौल तान दी। उसने सुरेश से सारा कैश सौंपने को कहा।

लेकिन यहाँ बदमाश का पाला एक निडर सेल्समैन से पड़ गया। सुरेश ने घबराने के बजाय फुर्ती दिखाई और बदमाश की पिस्तौल पर हाथ मारकर शोर मचा दिया। शोर सुनकर उसका साथी नरेश कुमार भी दौड़कर आया और दोनों कर्मचारी बदमाश से भिड़ गए। इस धक्का-मुक्की के बीच आरोपी ने ट्रिगर दबा दिया और फायर हो गया। गनीमत रही कि गोली हवा में निकल गई। खुद को घिरता देख आरोपी तरावड़ी टी-पॉइंट की तरफ भाग निकला था। मौके से पुलिस को कारतूस का खोल भी मिला था।

अब जब पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद इस शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाने की तैयारी की थी, उसका अस्पताल से इस तरह गायब हो जाना करनाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा दाग छोड़ गया है।

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