Karnal News: करनाल अस्पताल से बदमाश फरार मामले में 6 पुलिसकर्मी निलंबित
May 30, 2026 11:46 AM
करनाल। (मनोज ठाकुर) हरियाणा के करनाल में कानून व्यवस्था और पुलिस अभिरक्षा की चौकसी को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। शहर के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के तीसरी मंजिल पर बने हाई-सिक्योरिटी कैदी वार्ड को धता बताकर शातिर बदमाश गुरजीत सिंह आसानी से रफूचक्कर हो गया। इस दुस्साहसिक फरारी के बाद हरकत में आए करनाल के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र बिजारनिया ने ड्यूटी पर तैनात ईएचसी संदीप सहित सिपाही प्रदीप, सुमित, गोवर्धन, अमित और अंकित को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
आंधी-तूफान और ब्लैकआउट का फायदा उठाकर काटी हथकड़ी
दरअसल, आरोपी गुरजीत सिंह को बीते 25 मई को सीआईए-1 की टीम ने मेरठ रोड पर आवर्धन नहर के पास एक मुठभेड़ के बाद दबोचा था। एनकाउंटर के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी, जिसके चलते उसे इलाज के लिए अस्पताल के कैदी वार्ड में दाखिल कराया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 28 और 29 मई की दरम्यानी रात जब जिले में तेज आंधी-तूफान आया, तो अस्पताल की बत्ती कुछ देर के लिए गुल हो गई। इसी अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी ने बेड से बंधी हथकड़ी को किसी तरह खोल लिया और पुलिसकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर तीसरी मंजिल से नीचे उतर गया। बिजली आने पर जब सुरक्षाकर्मियों की नजर बेड पर पड़ी, तो वहां सिर्फ खाली हथकड़ी पड़ी थी।
दो दिन तक करता रहा व्हीलचेयर का नाटक, सीसीटीवी ने खोली पोल
घटना के बाद जब अस्पताल परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो पुलिस के आला अधिकारी भी हैरान रह गए। पिछले दो दिनों से जो बदमाश डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों के सामने उठने-बैठने में लाचारी जता रहा था और पैर के दर्द का बहाना बना रहा था, वह फुटेज में बिल्कुल तंदुरुस्त नजर आया। वह शरीर पर सफेद बेडशीट ओढ़कर बड़ी ही सामान्य रफ्तार से पैदल चलता हुआ अस्पताल से बाहर निकलता दिखाई दिया। इससे साफ है कि बदमाश ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बीमारी का झूठा नाटक रचा था और वह सही मौके की तलाश में था।
खाकी पर उठे गंभीर सवाल, संभावित ठिकानों पर दबिश तेज
इस फरारी ने करनाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कड़े पहरे के बीच और लोहे के बेड से लॉक की गई हथकड़ी को आरोपी ने महज कुछ ही मिनटों में कैसे और किस औजार की मदद से खोल लिया? क्या इस साजिश में उसे बाहर से कोई मदद मिली थी? फिलहाल, पुलिस अधीक्षक का कहना है कि कैदी की तलाश के लिए सीआईए और स्थानीय पुलिस की कई स्पेशल टीमों का गठन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और पुलिस का दावा है कि गुरजीत को जल्द ही दोबारा सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।