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करनाल में बाल विवाह का खौफनाक मामला: 17 साल की लड़की की करा दी शादी, अब 8 महीने की है गर्भवती

May 31, 2026 11:03 AM

करनाल। मुख्यमंत्री के गृह जिले करनाल के काछवा गांव से बाल विवाह का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून और सामाजिक जागरूकता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 17 साल की नाबालिग लड़की की शादी करा दी गई, जो अब आठ महीने की गर्भवती है। इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब बाल कल्याण समिति (CWC) के पास एक शिकायत पहुंची। इसके बाद संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की और पुख्ता सबूतों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला मूल रूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले एक परिवार से जुड़ा है, जो फिलहाल आजीविका के सिलसिले में करनाल के काछवा गांव में रह रहा है। बीती 6 मार्च को अधिकारियों को इस संबंध में पहली भनक लगी थी। इसके बाद जब लड़की की मां को दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपनी मजबूरी और इस पूरी शादी की रामकहानी बयां की।

प्रेम प्रसंग के बाद काछवा गांव में रचाई थी शादी

दफ्तर में दर्ज कराए बयानों में छह बच्चों की मां ने बताया कि उसकी सबसे बड़ी बेटी का बिहार के ही एक लड़के के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों फोन पर लगातार बातचीत करते थे। इसके बाद पिछले साल 18 जुलाई 2025 को लड़की और लड़के ने अपनी मर्जी से काछवा गांव में ही लव मैरिज कर ली थी। मां ने बताया कि उन्हें तब कानून की इस पेचीदगी का अंदाजा नहीं था।

जन्म प्रमाण पत्र ने खोली पोल, लड़का निकला 23 साल का

जब मामले की आधिकारिक जांच शुरू हुई, तो लड़की का जन्म प्रमाण पत्र खंगाला गया। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक लड़की की जन्मतिथि 30 जून 2008 दर्ज है। इस लिहाज से जिस दिन दोनों की शादी हुई, उस दिन लड़की की उम्र महज 17 साल 18 दिन थी, जो कि कानूनी तौर पर शादी की उम्र (18 वर्ष) से कम है। इसके उलट, जब आरोपी लड़के के दस्तावेजों की जांच की गई, तो उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2002 पाई गई, यानी शादी के वक्त वह 23 साल से ज्यादा का था। बालिग होने के बावजूद नाबालिग से शादी रचाने के कारण लड़का सीधे तौर पर कानून के शिकंजे में आ गया।

8 महीने की गर्भवती है नाबालिग, 11 पन्नों की रिपोर्ट पर एक्शन

इस मामले में सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि शादी के महज कुछ महीनों के भीतर ही नाबालिग लड़की गर्भवती हो गई और इस समय वह करीब 8 महीने के गर्भ से है। लड़की की मां ने खुद बेटी का जन्म प्रमाण पत्र और आरोपी के दस्तावेज दस्तखत करके जांच टीम को सौंपे हैं। संरक्षण अधिकारी ने इन बयानों, जन्म प्रमाण पत्र और मेडिकल स्थिति को जोड़कर एक 11 पन्नों का पूरा डोजियर तैयार किया, जिसे कानूनी कार्रवाई के लिए सदर थाने भेजा गया।

सदर थाना पुलिस ने दर्ज किया केस, मीनू को सौंपी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए करनाल के थाना सदर में 30 मई को आरोपी पति के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की कमान अनुसंधान अधिकारी (IO) मीनू को सौंपी गई है। जांच अधिकारी मीनू के मुताबिक, सारे दस्तावेजी सबूत इस बात की तस्दीक करते हैं कि शादी के वक्त लड़की नाबालिग थी। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और गवाहों के बयान दर्ज कर रही है, जिसके आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी समेत आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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