- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 11:15
करनाल: हरियाणा सरकार व जिला प्रशासन करनाल जिला को नशा मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रदेश व जिला स्तर पर नशा मुक्त भारत अभियान से संबंधित साइक्लोथॉन और मैराथन भी आयोजित करवाई गई हैं। यह अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। नशे के खिलाफ समाज में भी जन जागृति आई है। प्रशासन की सख्ती भी काबिले तारीफ है। इस व्यवस्था से समय-समय पर सफलतम कहानियां समाज के सामने आ रही हैं और इन कहानियों से प्रेरित होकर नशे की गिरफ्त में कैद व्यक्ति इस सामाजिक बुराई से अपना पीछा छुड़ाना चाहता है।
ऐसी ही एक सफलता की कहानी एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में अपना इलाज करवा रहे एक युवक ने बताई। उसने बताया कि वह एक वाहन चालक था और साथ ही पेंटिंग का भी कार्य करता था। युवक ने बताया कि कार्य के दौरान उसे नशा ग्रस्त युवक मिले जिनकी संगत में उसे भी चूरा पोस्त व अफीम का नशा करने की आदत लग गई थी। जिस वजह से उसे शारीरिक और पारिवारिक समस्याएं होने लगी थी और वह घर परिवार और अपने काम पर ध्यान नहीं दे पाता था। तब युवक ने स्वयं नशा छोड़ने की कोशिश की, पर सफल नहीं हो सका। फिर उसके एक दोस्त ने उसे नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवाने के बारे में बताया और युवक ने अपना इलाज नशा मुक्ति केंद्र में शुरू करवाया। इलाज करवाने के बाद अब युवक को नशा करने के लिए तलब नहीं लगती है। नशा छोड़े हुए युवक को तीन से चार साल हो गए हैं और अब वह अपने काम और घर परिवार की ओर बेहतर ध्यान दे पाता है।
युवक ने बताया कि अब वह नशा ग्रस्त लोगों को नशा छोड़ने के लिए जागरूकता फैलाने का भी कार्य करता है। युवक ने कहा कि नशा करने से जिंदगी खराब होती है और यह सेहत के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं है। भगवान ने हमें जो जीवन दिया है, उसे नशे में व्यर्थ नहीं करना चाहिए तथा सरकार व प्रशासन की मुहिम का हिस्सा बन नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेना चाहिए।