चेयरपर्सन सनमीत कौर की अपील: नीलोखेड़ी को स्वच्छ बनाना है तो घर की तरह रखनी होगी गली की चौखट
Jun 04, 2026 5:23 PM
नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला ) नीलोखेड़ी का रेलवे रोड स्थित गुरुद्वारा साहिब के पीछे का हिस्सा लंबे समय से नगरपालिका के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पालिका की गाड़ियां सुबह यहां से कचरा उठातीं, और दोपहर होते-होते लोग फिर से इसे डंपिंग ग्राउंड बना देते। इस बार प्रशासन ने डंडा चलाने के बजाय गांधीवादी और रचनात्मक तरीका अपनाया। विश्व पर्यावरण दिवस की सुबह जब पूरी टीम यहां पहुंची, तो पहले पूरे इलाके को सैनिटाइज किया गया। इसके बाद वहां सुंदर और रंग-बिरंगे गमले सजा दिए गए और जमीन पर आकर्षक रंगोली उकेरी गई। साथ ही कड़े शब्दों वाले चेतावनी बैनर टांग दिए गए। इरादा साफ है— जहां खूबसूरती होती है, वहां अमूमन लोग गंदगी फैलाने से हिचकिचाते हैं।
'स्वच्छता कोई सरकारी ड्यूटी नहीं, सामाजिक दायित्व है'
इस मौके पर जनसंवाद करते हुए चेयरपर्सन सनमीत कौर आहूजा ने बेहद व्यावहारिक बात कही। उन्होंने कहा, "जब तक हम अपनी गली और मोहल्ले को अपना ड्रॉइंग रूम नहीं मानेंगे, तब तक कोई भी शहर नंबर वन नहीं बन सकता। बीमारियां किसी का राजनीतिक दल देखकर नहीं आतीं। अगर नीलोखेड़ी को प्रदेश के नक्शे पर चमकाना है, तो हर नागरिक को कूड़ा बाहर फेंकने की अपनी आदत बदलनी होगी।"
अभियान के दौरान पालिका के मोटिवेटर्स और सफाई मित्रों की टोलियां सक्रिय दिखीं। उन्होंने वार्डों में घर-घर दस्तक दी और गृहिणियों को समझाया कि नीले और हरे डस्टबिन का गणित क्या है। सूखा और गीला कचरा अलग करने से कैसे रीसाइक्लिंग आसान हो जाती है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया।
वार्ड-6 में लगी 'होम कम्पोस्टिंग' की पाठशाला
इस अभियान का सबसे तकनीकी और क्रेडिबल हिस्सा रहा वार्ड नंबर-6 में आयोजित होम कम्पोस्टिंग वर्कशॉप। पालिका सचिव डॉ. राहुल सैनी ने खुद मोर्चा संभालते हुए नागरिकों को लाइव डेमो देकर दिखाया कि कैसे रसोई से निकलने वाले रोजमर्रा के कचरे, जैसे चायपत्ती, सब्जियों के डंठल और बचे हुए खाने को एक छोटे से मटके या डिब्बे में डालकर बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद में बदला जा सकता है। डॉ. सैनी ने कहा, "अगर हर घर अपने हिस्से का गीला कचरा खुद ही प्रोसेस करने लगे, तो मुख्य डंपिंग यार्डों पर बोझ आधा हो जाएगा और आपके पौधों को मुफ्त का न्यूट्रिशन मिलेगा।"
अधिकारियों ने खुद संभाली कमान, वार्डों का हुआ औचक निरीक्षण
लॉन्चिंग के तुरंत बाद अधिकारियों और पार्षदों की टीम ने शहर के अन्य हिस्सों में सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण भी किया। काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों को मौके पर ही हिदायत दी गई। इस प्रशासनिक सक्रियता के दौरान पार्षद रणबीर भाटिया, अमित शैली, गुरुविंदर सिंह और भूपेश जुनेजा मुख्य रूप से मुस्तैद रहे। वहीं तकनीकी और फील्ड स्तर पर सफाई इंचार्ज राजबीर, मुनीश कुमार, प्रेरक नरेश कुमार, संगीता रानी, सफाई दरोगा सुनील व विनोद कुमार और सुगम स्वच्छता टीम के सुपरवाइजर दीपक कुमार ने पूरी कमान संभाली। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया है कि वे अब सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी नहीं फैलाएंगे।