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नीलोखेड़ी के पूजम गांव में पर्यावरण दिवस पर बड़ी पहल, अफसरों और ग्रामीणों ने मिलकर लिया यह बड़ा फैसला

Jun 05, 2026 2:16 PM

नीलोखेड़ी(महाबीर मैहला)। नीलोखेड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पूजम गांव में विश्व पर्यावरण दिवस महज एक रस्म अदायगी बनकर नहीं रह गया, बल्कि यहां पर्यावरण को बचाने के लिए ग्रामीणों ने एक नई मुहिम की शुरुआत की है। शुक्रवार को गांव में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विकास और पर्यावरण के संतुलन पर गंभीर चर्चा हुई। इस चौपाल में न केवल गांव के मौजिज लोग शामिल हुए, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग और स्वच्छ भारत मिशन के प्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों के साथ बैठकर गांव के 'हरित विकास' की रूपरेखा तैयार की।

"बच्चों के भविष्य के लिए आज संभलना जरूरी"— कुलभूषण शर्मा

ग्राम सभा की अध्यक्षता गांव के सरपंच सुनील कुमार ने की। इस मौके पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग बी आर सी  कुलभूषण शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रदूषण और बदलते मौसम का मिजाज अब एक गंभीर चेतावनी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर हम आज अपने प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन नहीं रोकेंगे, तो हमारी आने वाली नस्लों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। शर्मा ने पंचायतों और स्थानीय स्कूलों से अपील की कि वे बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाएं और गांव की खाली जमीनों पर सघन पौधारोपण अभियान चलाएं।

सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, रोज की आदत बने पर्यावरण संरक्षण

वहीं, हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान (HIRD) के निदेशक डॉ. वजीर चंद ने प्रशासनिक नजरिए से इस मुद्दे को रखते हुए कहा कि पर्यावरण दिवस को 5 जून के कैलेंडर से बाहर निकालकर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना होगा। जब तक पानी बचाने, कूड़े के सही निस्तारण और हरियाली बढ़ाने को एक जन आंदोलन नहीं बनाया जाएगा, तब तक सरकारी प्रयास अधूरे रहेंगे। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की ओर से आई रेनू कंबोज ने भी महिलाओं और युवाओं को गांव को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त करने और गीले-सूखे कचरे के प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीके समझाए।

सरपंच की अगुवाई में ग्रामीणों ने ली सामूहिक शपथ

ग्राम सभा के आखिर में सरपंच सुनील कुमार ने अपनी पंचायत की तरफ से यह भरोसा दिलाया कि पूजम गांव को सुंदर और आदर्श बनाने के लिए बजट और प्रयासों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी उनकी परवरिश करना है। इसके बाद पूरी सभा ने एक सुर में पर्यावरण की रक्षा, जल संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली।

इस मौके पर ग्राम सचिव मंगतराम, ग्राम सचिव नीतू, धूम सिंह समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने इस मुहिम को हर घर तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया।

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