World Yogasan Championship 2026: नीलोखेड़ी के सुमित ने विश्व योगासन में गाड़े झंडे, जीते दो स्वर्ण पदक
Jun 11, 2026 2:38 PM
नीलोखेड़ी। (महाबीर मैहला) हरियाणा की माटी ने एक बार फिर खेल जगत में वैश्विक स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। नीलोखेड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सीकरी के होनहार योगासन खिलाड़ी सुमित ने अंतरराष्ट्रीय रंगमंच पर भारत का परचम शान से लहराया है। हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद में संपन्न हुई 'प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026' में सुमित ने अपनी कला, संतुलन और एकाग्रता का ऐसा प्रदर्शन किया कि दुनिया देखती रह गई। सुमित ने इस कड़े मुकाबले में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपने राज्य, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।
78 देशों के सूरमाओं के बीच दिखाया दम, दो अलग स्पर्धाओं में बने चैंपियन
विश्व स्तर की इस महाप्रतियोगिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दुनिया के 5 महाद्वीपों से आए करीब 78 देशों के सर्वश्रेष्ठ योगासन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इतने बड़े मंच पर और कड़े प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के बीच सुमित ने जजों को अपनी खेल विधा से खासा प्रभावित किया। उन्होंने सीनियर पुरुष वर्ग के तहत दो बेहद कठिन श्रेणियों में देश की झोली में सोना डाला:
लेग बैलेंस इंडिविजुअल इवेंट: शरीर के संतुलन की इस कठिन परीक्षा में सुमित ने पहला स्थान पाकर स्वर्ण पदक जीता।
ट्रेडिशनल ग्रुप इवेंट: सामूहिक तालमेल और पारंपरिक योग की इस स्पर्धा में भी सुमित की टीम अव्वल रही और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरके ग्रामीण, सरपंच बोले— 'युवाओं के रोल मॉडल बने सुमित'
विश्व पटल पर दोहरे स्वर्ण पदक की ऐतिहासिक कामयाबी दर्ज कर जब सुमित अपने पैतृक गांव सीकरी लौटे, तो वहां का नजारा देखने लायक था। पूरे गांव में मानो दिवाली जैसा माहौल हो गया। ग्रामीणों ने उन्हें पलकों पर बिठा लिया। स्वागत काफिले की कमान संभाल रहे गांव के सरपंच चौधरी सतबीर सिंह ने सुमित और उनके माता-पिता को इस गौरवमयी पल की बधाई दी। सरपंच ने कहा, "सुमित ने अपनी हाड़-तोड़ मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम पाया है। आज हमारे छोटे से गांव का नाम दुनिया के नक्शे पर आया है। सुमित की यह सफलता क्षेत्र के उन तमाम युवाओं के लिए एक नजीर बनेगी जो खेलों में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।"
कड़े कोचिंग कैंप की भट्टी में तपकर निखरा सुमित का हुनर
अपनी इस स्वर्णिम सफलता का श्रेय अपने गुरुओं और परिवार को देते हुए सुमित ने बताया कि इस विश्व कप के सफर की राह इतनी आसान नहीं थी। चैंपियनशिप में उतरने से पहले उन्होंने 10 मई 2026 से 2 जून 2026 तक चले राष्ट्रीय कोचिंग कैंप (National Coaching Camp) में हिस्सा लिया था। इस कैंप के दौरान उन्हें योग की बारीक तकनीकी कड़ियों, शारीरिक क्षमता बढ़ाने के गुर, मानसिक सुदृढ़ता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कड़ा अभ्यास कराया गया। इसी कड़ी ट्रेनिंग का नतीजा रहा कि 4 जून से 9 जून 2026 तक चली मुख्य चैंपियनशिप में वे बिना किसी दबाव के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाए और पोडियम पर तिरंगा लहराने में कामयाब रहे। इस गौरवमयी मौके पर गांव के पंच-सरपंच, खेल प्रेमी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भारी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने सुमित के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।