जर्मनी में बैठकर रची थी हरियाणा में तबाही की साजिश, डिपोर्ट होकर लौटे बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़
Jun 16, 2026 12:16 PM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा में युवाओं का अवैध रास्तों यानी 'डोंकी रूट' से विदेश जाने का क्रेज तो जगजाहिर है, लेकिन करनाल और कैथल के दो युवकों ने विदेश की धरती का इस्तेमाल अपराध का नया नेटवर्क तैयार करने के लिए किया। करनाल के कर्ण विहार का रहने वाला विशाल और कैथल के ढांड का निखिल उर्फ नकुल अवैध तरीके से जर्मनी पहुंचे थे। वहां काम-धंधा करने के बजाय दोनों की मुलाकात हुई और उन्होंने कम समय में रईस बनने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखने की रूपरेखा तैयार कर ली।
दोनों ने तय किया कि भारत लौटकर वे रंगदारी, हाईवे पर लूटपाट और ड्रग्स तस्करी के जरिए बड़ा साम्राज्य खड़ा करेंगे। इसके लिए उन्होंने हरियाणा और पंजाब के कुछ शातिर बदमाशों को अपने साथ जोड़कर एक मजबूत गैंग तैयार कर लिया। निखिल पिछले महीने ही जर्मनी से डिपोर्ट होकर भारत आया था, जबकि विशाल बीती 6 जून को वतन लौटा था। भारत कदम रखते ही दोनों ने अपनी खौफनाक प्लानिंग को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया और सबसे पहले कैथल के ढांड में ही एक बड़े कारोबारी से मोटी रंगदारी मांगी।
अंबाला के टैक्सी ड्राइवर को पिहोवा हाईवे पर बनाया निशाना
कारोबारी से रंगदारी वसूलने के बाद गैंग को अपनी वारदातों के लिए एक तेज रफ्तार गाड़ी की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने 12 जून की रात अंबाला के एक टैक्सी स्टैंड से जाल बिछाया। गैंग के चार गुर्गों ने अंबाला के टैक्सी चालक मंजीत कुमार की होंडा सिटी कार को कैथल जाने के लिए किराए पर बुक किया। रात करीब पौने 10 बजे जब कार पिहोवा में नेशनल हाईवे-152 पर अरुणाय कट के पास पहुंची, तो पीछे बैठे बदमाशों ने पेशाब करने के बहाने गाड़ी रुकवाई।
कार के रुकते ही अगली सीट पर बैठे बदमाश ने अचानक ड्राइवर मंजीत की कनपटी पर देसी कट्टा तान दिया और जान से मारने की धमकी देकर उसे नीचे उतार दिया। बदमाश मंजीत का मोबाइल फोन और कार लेकर हवा हो गए। हालांकि, बदमाशों की यह किस्मत ज्यादा देर तक साथ नहीं रही। कार लेकर जब वे हिसार के बरवाला पहुंचे, तो तेज रफ्तार के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर एक खेत में जा घुसी। गाड़ी फंसने के बाद विशाल और उसके साथी लविश, कमलजीत और रोहित कार को मौके पर ही छोड़कर रफूचक्कर हो गए।
कुरुक्षेत्र पुलिस की नाकेबंदी और मुर्तजापुर में एनकाउंटर
इस सनसनीखेज हाईवे लूट के बाद कुरुक्षेत्र की सीआईए-2 (CIA-2) टीम लगातार बदमाशों के सुराग तलाश रही थी। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंग के मास्टरमाइंड निखिल सहित 6 आरोपियों को पहले ही दबोच लिया था, जिन्होंने इस पूरी वारदात की साजिश रची थी और हथियार मुहैया कराए थे। लेकिन मुख्य शूटर विशाल और उसका साथी लविश अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।
रविवार सुबह सीआईए प्रभारी मनदीप कुमार को पुख्ता सूचना मिली कि विशाल और लविश किसी बड़ी वारदात की फिराक में पिहोवा इलाके के मुर्तजापुर गांव के पास छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को खाकी के घेरे में पाकर बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की एक गोली पुलिस की सरकारी गाड़ी में लगी, जबकि दूसरी गोली एक जवान के कान के पास से गुजर गई। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरोपी विशाल की टांग में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से विशाल और उसके साथी लविश को दबोच लिया। घायल बदमाश को इलाज के लिए कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मौके से वारदात में इस्तेमाल हथियार व कारतूस बरामद किए गए हैं।