हरियाणा के स्कूलों में पढ़ासा जाएगा सिख गुरुओं का इतिहास, आठवीं कक्षा के सिलेबस में सरकार ने जोड़ा नया अध्याय
Jun 12, 2026 12:02 PM
पिहोवा(अभिषेक पूर्णिमा) हरियाणा के शिक्षा जगत और सांस्कृतिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम को लेकर एक बड़ा और नीतिगत फैसला लिया है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर आठवीं कक्षा के इतिहास की किताबों में सिख गुरुओं के जीवन, उनके संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के अध्याय जोड़ दिए हैं। कुरुक्षेत्र के पिहोवा से भाजपा नेता अवनीत वड़ैच ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहद जरूरी और ऐतिहासिक फैसला करार दिया है।
गुरु तेगबहादुर जी के शहीदी समागम पर मुख्यमंत्री ने किया था वादा
दरअसल, इस फैसले की पृष्ठभूमि कुछ समय पहले तैयार हुई थी, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिंद की चादर गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी समागम के मौके पर इसकी सार्वजनिक घोषणा की थी। सरकार ने अब इस घोषणा को धरातल पर उतार दिया है। नए पाठ्यक्रम के तहत अब सूबे के स्कूली बच्चे न सिर्फ गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक के महान जीवन और सामाजिक न्याय के संदेशों से रूबरू होंगे, बल्कि महान सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के शौर्य और मुगलों के खिलाफ उनके कड़े संघर्ष की गाथाएं भी विस्तार से पढ़ सकेंगे।
'किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण का जरिया बनेगी शिक्षा'
इस निर्णय का स्वागत करते हुए भाजपा नेता अवनीत वड़ैच ने कहा कि शिक्षा का असली मकसद सिर्फ डिग्रियां बांटना या ज्ञान अर्जन करना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर अच्छे संस्कारों का निर्माण करना भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि सिख गुरुओं का जीवन मानवता, करुणा, सेवा और बिना किसी भेदभाव के समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा है। जब देश की युवा पीढ़ी इस त्याग और बलिदान को अपनी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ेगी, तो उनके भीतर राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता की भावना और ज्यादा मजबूत होगी।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत सहेजने की कोशिश
अवनीत वड़ैच ने आगे कहा कि हरियाणा की धरती का सिख इतिहास से बहुत पुराना और गहरा नाता रहा है। ऐसे में प्रदेश के बच्चों को अपनी ही माटी और देश के गौरवशाली इतिहास की सही जानकारी मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तारीफ करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार न केवल बुनियादी ढांचे और विकास पर ध्यान दे रही है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के लिए भी लगातार ठोस कदम उठा रही है। इस फैसले से नई पीढ़ी को अपने ऐतिहासिक नायकों को करीब से जानने का मौका मिलेगा।