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Jyotisar News: ज्योतिसर बस अड्डे पर दुकानदारों की अनूठी पहल, भीषण गर्मी में राहगीरों को पिलाया ठंडा-चटपटा जलजीरा

Jun 04, 2026 5:24 PM

कुरुक्षेत्र। ज्येष्ठ के इस महीने में आसमान से बरसती आग के बीच ज्योतिसर बस अड्डे पर आज सुबह से ही हलचल आम दिनों से थोड़ी अलग थी। बाजार के दुकानदार सुबह-सुबह ही बड़े-बड़े बर्तनों में बर्फ, पुदीना और मसालों के साथ जलजीरा तैयार करने में जुट गए थे।

इस मुहिम की अगुवाई कर रहे स्थानीय दुकानदार नरेंद्र शर्मा ने बताया कि मानवता की सेवा से बढ़कर कोई दूसरा धर्म नहीं है। उन्होंने कहा, "जब उत्तर भारत में गर्मी अपने चरम पर हो, तब घर से बाहर निकलने वाले राहगीरों और यात्रियों की प्यास बुझाना हमारा पहला कर्तव्य बन जाता है।

हमारी कोशिश बस इतनी है कि इस तपते मौसम में कोई भी मुसाफिर यहां से प्यासा न गुजरे।" शर्मा ने आगे जोड़ा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल लोगों को तात्कालिक राहत मिलती है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।

मुसाफिरों ने की खुले दिल से सराहना

सड़क से गुजरने वाले दोपहिया वाहनों, ऑटो और बसों में सवार यात्रियों को रोक-रोक कर दुकानदारों ने बड़े चाव से जलजीरा पिलाया। तीखी धूप में सफर कर रहे कई यात्रियों का कहना था कि ऐसे समय में जलजीरा न सिर्फ प्यास बुझाता है, बल्कि लू के थपेड़ों से भी शरीर की रक्षा करता है। छबील के पास से गुजरने वाले हर शख्स ने दुकानदारों के इस सामूहिक प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

एकजुटता की अनूठी मिसाल बने बाजार के व्यापारी

इस पूरे आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे बाजार का सामूहिक सहयोग था। छबील की व्यवस्था संभालने और राहगीरों को ग्लास थमाने में योगेश धीमान, गौरव राणा, रोहित शर्मा, आशीष खूंटी, पृथ्वी शर्मा और संजू वर्मा जैसे युवा और वरिष्ठ दुकानदारों ने बढ़-चढ़कर पसीना बहाया। सुबह से शुरू हुआ यह सिलसिला देर दोपहर तक अनवरत चलता रहा। पूरे बस अड्डा परिसर में सेवा, सद्भाव और आपसी तालमेल का एक बेहद सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जिसने धर्मनगरी की सेवा परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

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