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केबी स्कॉलर्स स्कूल लाडवा के बच्चों का करनाल ट्रिप: स्काई जंपर पार्क में हवा में उछले नौनिहाल, देखें तस्वीरें

May 26, 2026 12:29 PM

लाडवा (कैलाश गोयल)। आधुनिक दौर की स्कूली शिक्षा अब सिर्फ ब्लैकबोर्ड और कॉपियों तक सीमित नहीं रह गई है। बच्चों के मानसिक विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार को संवारना भी आज के शिक्षण का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। इसी सोच के साथ लाडवा के प्रतिष्ठित 'केबी स्कॉलर्स स्कूल' ने अपने प्राथमिक विंग (कक्षा 1 से 4) के छात्र-छात्राओं के लिए करनाल के प्रसिद्ध 'स्काई जंपर ट्रामपॉलिन एंड एम्यूजमेंट पार्क' में एक दिवसीय शैक्षणिक व मनोरंजक ट्रिप का आयोजन किया। इस ट्रिप के दौरान बच्चों का उत्साह और ऊर्जा देखने लायक थी।

जैसे ही स्कूल की बसें बच्चों को लेकर एम्यूजमेंट पार्क पहुंचीं, वहां का रंग-बिरंगा और सुरक्षित इंडोर नजारा देखकर नौनिहालों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों ने वहां एक-दो नहीं, बल्कि ट्रामपॉलिन जंपिंग, लेजर टैग, फोम पिट, वॉल क्लाइंबिंग और सॉफ्ट प्ले जोन जैसी 15 से अधिक आधुनिक व चुनौतीपूर्ण गतिविधियों में हाथ आजमाया। हवा में गोते लगाते और दीवारों पर चढ़ते बच्चों के लिए यह अनुभव रोमांच से भरा था, जिससे अनजाने में ही उनका एक शानदार कार्डियो वर्कआउट भी हो गया।

खेल-खेल में सीखीं जीवन की बारीकियां; अभिभावक भी हुए खुश

अक्सर देखा जाता है कि लगातार पढ़ाई के प्रेशर से बच्चे मानसिक रूप से थक जाते हैं। ऐसे में यह ट्रिप उनके लिए एक बेहतरीन 'स्ट्रेस बस्टर' साबित हुआ। पार्क के सुरक्षित दायरे में बच्चों ने न केवल अपनी शारीरिक क्षमताओं को परखा, बल्कि ग्रुप एक्टिविटीज के माध्यम से एक-दूसरे की मदद करना और मिलकर लक्ष्य हासिल करना भी सीखा।

खेलने के दौरान बच्चों के भीतर जो अनुशासन और आपसी सौहार्द देखने को मिला, उसकी वहां मौजूद इंस्ट्रक्टर्स ने भी तारीफ की। लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना और गिरते हुए साथी को संभालना, जैसी छोटी-छोटी बातों ने बच्चों को व्यावहारिक जीवन का बड़ा पाठ पढ़ा दिया।

मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए खेल अनिवार्य: डॉ. जिंदल

इस सफल आयोजन पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए स्कूल के संचालक डॉ. एस. सी. जिंदल ने बच्चों की सुरक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "आज के गैजेट्स वाले दौर में बच्चों का मैदान या ऐसे सुरक्षित इंडोर पार्कों में शारीरिक गतिविधियां करना बेहद जरूरी हो गया है। कूदने, दौड़ने और चढ़ने जैसी क्रियाओं से न केवल बच्चों की शारीरिक शक्ति और संतुलन बढ़ता है, बल्कि उनका मानसिक स्वास्थ्य भी दुरुस्त रहता है।"

प्रबंधन का आधिकारिक वक्तव्य: "हमारा हमेशा से प्रयास रहता है कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ बाहरी दुनिया के व्यावहारिक अनुभव भी मिलें। यह ट्रिप मनोरंजन और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों ही पैमानों पर पूरी तरह सफल रहा है। भविष्य में भी बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए ऐसे ट्रिप्स आयोजित किए जाते रहेंगे।"

शाम को जब बच्चे वापस लाडवा लौटे, तो उनके चेहरों पर थकान की जगह एक अलग ही ताजगी और चमक थी। इस ट्रिप को सफल बनाने में स्कूल के शिक्षकों और सहयोगी स्टाफ ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखे, जिसके चलते यह सफर बेहद सुरक्षित और यादगार बन गया।

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