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लाडवा की कोणार्क अकादमी में पैरेंट्स डे की धूम, बच्चों के मनमोहक नृत्य देख गदगद हुए अभिभावक

May 26, 2026 12:19 PM

लाडवा (कैलाश गोयल)। शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान का नाम नहीं है, बल्कि यह बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा और उत्तम संस्कारों को निखारने का जरिया है। इसी मूलमंत्र को चरितार्थ करते हुए लाडवा स्थित 'दा कोणार्क अकादमी' के परिसर में 'पैरेंट्स डे' और मेधावी छात्र सम्मान समारोह का एक गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा परिसर बच्चों की खिलखिलाहट, तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से सराबोर नजर आया।

समारोह की विधिवत शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके तुरंत बाद मंच की कमान संभाली स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने। किंडरगार्टन से लेकर तीसरी कक्षा तक के इन छोटे विद्यार्थियों ने जब मंच पर आकर एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीत, कविताएं और मनमोहक नृत्य पेश किए, तो वहां मौजूद हर शख्स मंत्रमुग्ध हो गया। नन्हे बच्चों के इस गजब के आत्मविश्वास और स्टेज प्रेजेंस को देखकर उनके माता-पिता की आंखें खुशी से छलक आईं।

मेहनत को मिला मान; पुरस्कार पाकर खिले होनहारों के चेहरे

इस रंगारंग कार्यक्रम का सबसे अहम और भावुक पल वह था, जब पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान अपनी कक्षाओं में टॉप करने वाले और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में अव्वल रहने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर आमंत्रित किया गया। स्कूल प्रबंधन की ओर से इन होनहारों को जब मेडल और प्रमाण-पत्र सौंपे गए, तो उनके चेहरों पर एक अलग ही गर्व और आत्मविश्वास की चमक साफ देखी जा सकती थी।

इस मौके पर उपस्थित अभिभावकों ने भी स्कूल के अनुशासन, बेहतरीन शिक्षण व्यवस्था और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की खुले दिल से सराहना की। अभिभावकों का कहना था कि यह संस्थान बच्चों के करियर को संवारने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों का बीज भी बो रहा है, जो आज के समय में सबसे ज्यादा जरूरी है।

निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी: प्रबंधन

समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल की प्रधानाचार्या अंजलि सिंह ने शिक्षा की व्यापक परिभाषा पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य सिर्फ बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें एक जागरूक, संवेदनशील और मजबूत नागरिक बनाना है। निरंतर प्रयास, कड़ा परिश्रम और दृढ़ संकल्प ही जीवन में सफलता का असली रास्ता तय करते हैं।"

निदेशक एस. एस. शर्मा का संदेश: "हर बच्चे के भीतर असीम संभावनाएं और एक अनूठी प्रतिभा छिपी होती है। एक शिक्षक और माता-पिता के तौर पर हमारी जिम्मेदारी सिर्फ इतनी है कि हम उन्हें सही मार्गदर्शन दें और उनके भीतर एक सकारात्मक सोच पैदा करें। जब घर और स्कूल मिलकर प्रयास करते हैं, तो बच्चों को अपनी मंजिल पाने से कोई नहीं रोक सकता।"

कार्यक्रम के अंतिम चरण में स्कूल प्रशासन द्वारा सभी आगंतुक अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया, जिनके निरंतर सहयोग और अटूट विश्वास के दम पर स्कूल सफलता के नए आयाम छू रहा है। सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायक माहौल के बीच राष्ट्रगान के साथ इस शानदार समारोह का समापन हुआ।

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