"यह मेरा ही विभाग है, डरने की जरूरत नहीं"— कुरुक्षेत्र की बैठक में गरीब फरियादी से बोले कैबिनेट मंत्री पंवार
May 29, 2026 4:05 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के प्रशासनिक हल्के में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में सूबे के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अधिकारियों के ढीले रवैये पर कड़ा असंतोष जताया। शुक्रवार को नए लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित इस मासिक बैठक में जिला प्रशासन के तमाम आला अफसर और कई स्थानीय विधायक मौजूद थे। उपायुक्त (DC) विश्राम कुमार मीणा ने बैठक की शुरुआत में मुख्य अतिथि का स्वागत किया, लेकिन जैसे ही जन-शिकायतों का पुलिंदा खुला, मंत्री का रुख बेहद सख्त हो गया।
सबसे बड़ा एक्शन सहकारिता क्षेत्र में देखने को मिला। डीग-खरींडवा पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां) में पिछले कुछ समय से अवैध नियुक्तियों की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए मंत्री पंवार ने सहायक रजिस्ट्रार (AR) को दोटूक शब्दों में कहा कि इस धांधली के पीछे जो भी चेहरे हैं, उनके खिलाफ तुरंत प्रभाव से पुलिस केस दर्ज कराया जाए। इसके साथ ही, दी किरमच को-ऑपरेटिव सोसायटी के दोषी मैनेजर को सस्पेंड करने और अन्य विभागीय कार्रवाई को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार (DR) कोर्ट को अगली बैठक से पहले हर हाल में अंतिम फैसला लेने का अल्टीमेटम दिया गया है।
राशन डिपो घोटाला: खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर की होगी गिरफ्तारी
लाडवा निवासी सोनू नारंग की शिकायत ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के भीतर चल रहे कथित भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी। सोनू का आरोप था कि नरेश गर्ग नाम का व्यक्ति गलत और फर्जी तरीके से डिपो का संचालन कर रहा है और विभाग के अधिकारी उस पर आंखें मूंदे बैठे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री ने कुरुक्षेत्र पुलिस को निर्देश दिए कि आरोपी नरेश गर्ग को तुरंत शामिल तफ्तीश किया जाए। साथ ही इस काली कमाई में हिस्सेदार रहे विभाग के इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।
मकान बेचने के बाद भी खरीदार को कब्जा न देने के एक अन्य मामले में, मंत्री ने विष्णु कॉलोनी के सोम प्रकाश की गुहार सुनी। उन्होंने उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) को निर्देश दिए कि वे कानून की धारा 164 और 165 के तहत तुरंत 'स्पीकिंग ऑर्डर' जारी करें, ताकि पीड़ित को उसके आशियाने का वास्तविक कब्जा मिल सके।
रियल एस्टेट से लेकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक; 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
बैठक में अंसल सुशांत सिटी के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान द्वारा दी गई शिकायत पर भी लंबी बहस हुई। मंत्री ने मामले की उलझनों को देखते हुए पांच सदस्यीय विशेष जांच कमेटी का ऐलान किया। इस कमेटी में डीएमसी, डीटीपी, ईओ (एचएसवीपी) सहित जनस्वास्थ्य और बिजली विभाग के एक्सईएन को शामिल किया गया है। इन्हें हिदायत दी गई है कि वे मौके पर जाकर स्थानीय नागरिकों से बात करें, अदालती दस्तावेजों को खंगालें और 15 दिनों के भीतर अपनी संयुक्त रिपोर्ट जिला उपायुक्त को सौंपें।
जनता से जुड़े अन्य मामलों में भी मंत्री का मिजाज साफ था:
अजरानी गांव के संतोष कुमार की पेमेंट पर: बीडीपीओ थानेसर को 15 दिन के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया गया।
तंगोर ग्राम पंचायत की सड़क पर: पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग को जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अधूरी सड़क बनाने को कहा गया।
शाहाबाद हाउसिंग बोर्ड पार्क पर: अवैध कब्जों को तुरंत हटाने के लिए एसडीएम शाहाबाद के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई।
यात्रियों की सुविधा के लिए: कुरुक्षेत्र से यमुनानगर के बीच शाम 7 बजे से एक नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने के निर्देश जीएम रोडवेज को दिए गए।
बैठक के समापन से पहले प्रतापगढ़ निवासी हरपाल सिंह और डोडा खेड़ी निवासी राजपाल व राजेंद्र की शिकायतों को दोनों पक्षों की आपसी रजामंदी के बाद फाइल बंद कर दिया गया। इस मौके पर थानेसर के विधायक अशोक अरोड़ा, शाहाबाद के विधायक रामकरण काला और पिहोवा के विधायक मंदीप सिंह चट्ठा सहित जिला पुलिस कप्तान चंद्र मोहन और कई प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।