कुरुक्षेत्र में पाबंदी के बाद भी भाखड़ा नहर में मौत की छलांग लगा रहे युवा, प्रशासन बेबस
May 27, 2026 12:39 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र में सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन बेहाल कर दिया है। इस जानलेवा गर्मी से फौरी राहत पाने के लिए युवाओं की टोलियां इन दिनों आत्मघाती कदम उठा रही हैं। जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा साफ तौर पर लगाए गए प्रतिबंधों को धता बताते हुए शहर के लड़के पवित्र ब्रह्मसरोवर की सुरक्षा रेलिंग पार कर रहे हैं, तो वहीं कुरुक्षेत्र रोड से गुजरने वाली भाखड़ा नहर के उफनते पानी में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के छलांग लगा रहे हैं। गर्मी से बचने का यह शॉर्टकट किसी भी वक्त मातम में बदल सकता है।
कागजी साबित हो रहे पुलिसिया चौकसी के दावे
नहरों और सरोवरों पर हादसों को रोकने के लिए पुलिस की मुस्तैदी जमीनी धरातल पर पूरी तरह खोखली नजर आ रही है। पुलिस विभाग ने भाखड़ा नहर के किनारे चेतावनी बोर्ड तो टांग दिए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन्हीं बोर्ड्स की छांव में बैठकर युवा नहाने की तैयारियां करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की पीसीआर गाड़ियां केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए कभी-कभार चक्कर काट कर चली जाती हैं। पुलिस की गाड़ी के जाते ही युवाओं के झुंड फिर से गहरे पानी में मौत से खेलने उतर जाते हैं। प्रशासन के तमाम कड़े दावे और प्रयास यहाँ पूरी तरह धरे के धरे दिख रहे हैं।
पहले भी कई घर उजाड़ चुका है नहर का तेज बहाव
यह पहली बार नहीं है जब युवाओं की यह मनमानी सामने आई हो। कुरुक्षेत्र की इन नहरों और सरोवरों के गहरे पानी तथा तेज करंट (बहाव) के चलते पहले भी कई हंसते-खेलते परिवार अपने बेटों को खो चुके हैं। अभी तीन दिन पहले ही ब्रह्मसरोवर के प्रतिबंधित और गहरे इलाके में सुरक्षा घेरा तोड़कर नहा रहे एक युवक को पुलिस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था। इसके बावजूद कुरुक्षेत्र रोड स्थित भाखड़ा नहर के पुल और घाटों पर सुबह से लेकर शाम तक लड़कों का जमावड़ा लगा रहता है। युवाओं का यह खतरनाक स्टंट उनके अपनों के लिए उम्र भर का दर्द बन सकता है।
सख्त एक्शन की दरकार, सिर्फ मुनादी से नहीं सुधरेंगे हालात
नहर किनारे रहने वाले प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि अब समय केवल चेतावनी देने या समझाने का नहीं रह गया है। जब तक पुलिस इन प्रतिबंधित जगहों पर स्थायी पिकेट तैनात नहीं करेगी और हुड़दंग करने वाले या नहाने वाले युवाओं के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी गाड़ियां जब्त नहीं की जाएंगी, तब तक इस जानलेवा सिलसिले पर रोक लगाना मुमकिन नहीं है। गर्मी का बहाना बनाकर जिंदगी को जोखिम में डालने की इस जिद पर लगाम लगाना बेहद जरूरी हो गया है।