सीएम दरबार में हंगामा: पीड़ित महिला की बात सुन बिफरे सीएम सैनी, अधिकारियों को फटकार, FIR के आदेश
May 21, 2026 3:00 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के लाडवा विधानसभा क्षेत्र के रामकुंडी में आयोजित मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जनसंवाद कार्यक्रम में गुरुवार को उस समय सन्नाटा पसर गया, जब मेहरा गांव की रहने वाली प्रियंका नाम की महिला ने रोते हुए अपनी आत्मघाती मजबूरी बयां की। प्रियंका का आरोप है कि बकाली गांव के एक रसूखदार किसान गुरमेल ने उनके खेत को जाने वाले मुश्तरका (साझा) रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है। हद तो तब हो गई जब प्रशासनिक मिलीभगत से उस रास्ते के बीचों-बीच बिजली के पोल तक खड़े करवा दिए गए, जिससे उनके खेत का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया। महिला ने बेहद आहत होकर कहा कि वह अब तक इस मामले में 19 शिकायतें दे चुकी हैं, लेकिन सिस्टम ने उनकी एक नहीं सुनी।
'खेत बंजर हो गए, घर में दाने नहीं', बेबसी सुन सहम गए लोग
जनसंवाद में प्रियंका की बेबसी देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। उन्होंने रोते हुए सीएम से कहा, "हम एक छोटे किसान परिवार से हैं, चोरी-चकारी का सोच भी नहीं सकते। रास्ता बंद होने की वजह से हमारे खेत बंजर हो गए हैं, आज घर में खाने के लिए अनाज का एक दाना तक नहीं बचा है। आरोपी लगातार हमें धमकियां दे रहा है और हमारा परिवार भयंकर मानसिक दबाव में है। अब जहर खाने के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा है।" यह कहते-कहते प्रियंका के साथ आए उनके परिजन भी फूट-फूट कर रोने लगे, जिसके बाद पूरा माहौल बेहद गंभीर हो गया।
मुख्यमंत्री का एक्शन: बिजली विभाग के XEN को फटकार, SDM को दिए एफआईआर के आदेश
महिला की इस दर्दनाक दास्तान को सुनते ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पारा चढ़ गया। उन्होंने मंच से ही बिजली निगम के एक्सईएन (XEN) को आड़े हाथों लेते हुए सख्त लहजे में जवाब तलब किया। हालांकि अधिकारी ने सफाई दी कि उन्होंने महज एक महीने पहले ही यहां जॉइन किया है, लेकिन सीएम ने ढुलमुल रवैये को बर्दाश्त नहीं किया। मुख्यमंत्री ने तुरंत लाडवा के एसडीएम को पूरे मामले की जांच अपने हाथ में लेने की जिम्मेदारी सौंपी। सीएम सैनी ने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि जांच में जो भी अधिकारी या दबंग व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ बिना किसी देरी के तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
टोकन नंबर 257 का दर्द: बेटों की प्रताड़ना के खिलाफ रो पड़ी बुजुर्ग मां
इसी जनसंवाद कार्यक्रम में प्रशासनिक अव्यवस्था और अपनों की बेरुखी का एक और दर्दनाक चेहरा सामने आया। लाडवा की ही रहने वाली बुजुर्ग बिमला रानी कार्यक्रम खत्म होने के बाद बाहर फुटपाथ पर बैठकर फूट-फूट कर रोती नजर आईं। बिमला रानी का आरोप था कि उनका शिकायत टोकन नंबर 257 था, लेकिन वीआईपी भीड़ के चक्कर में अधिकारियों ने उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचने ही नहीं दी। करीब 6 साल पहले अपने पति को खो चुकी बिमला ने रोते हुए बताया कि उनके सगे बेटे शराब पीकर उनके साथ मारपीट करते हैं और बहुओं ने उन्हें धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया है। कई जगह गुहार लगाने के बाद भी इस बुजुर्ग मां को अब तक कहीं से न्याय नहीं मिला।