ढांड रोड पर भीषण हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली की धूल बनी काल, 18 साल का अमन पीजीआई रेफर
May 05, 2026 11:58 AM
कुरुक्षेत्र । धर्मनगरी के ढांड रोड पर रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक मौत और जिंदगी के बीच झूल रहा है। द्रोणाचार्य डिग्री कॉलेज के पास हुई इस घटना में लापरवाही और धूल के गुबार ने एक हंसते-खेलते युवक को अस्पताल के बेड पर पहुँचा दिया। हादसे का आलम यह था कि दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य होने के कारण स्कूटी सवार युवक को आगे खड़ी मौत का अंदाज़ा तक नहीं हुआ।
धूल के बीच गायब हुई सड़क
पुलिस को दी गई शिकायत और दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गांव घराड़सी निवासी अमन कुमार रविवार शाम को अपने किसी निजी काम से कुरुक्षेत्र आया था। देर शाम जब वह अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी पर सवार होकर वापस गांव लौट रहा था, तभी रास्ते में उसके आगे चल रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने मुसीबत खड़ी कर दी। ट्रॉली से उड़ रही मिट्टी और धूल के कारण सड़क पर कुछ भी दिखाई देना बंद हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो वहां से गुजर रहे एक अन्य मोटरसाइकिल सवार ने ट्रैक्टर चालक को टोकते हुए सावधानी बरतने की सलाह भी दी थी, लेकिन चालक ने उसे अनसुना कर दिया और अपनी रफ्तार बरकरार रखी।
अचानक ब्रेक और फिर जोरदार टक्कर
हादसे ने तब विकराल रूप लिया जब ट्रैक्टर चालक ने बिना किसी संकेत के अचानक सड़क के बीचों-बीच ब्रेक लगा दिए। पीछे से आ रहे अमन को धूल के कारण सामने खड़ी ट्रॉली नजर नहीं आई और उसकी स्कूटी सीधे ट्रॉली के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अमन लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा।
हालत नाजुक: पीजीआई चंडीगढ़ किया गया रेफर
राहगीरों की मदद से घायल अमन को तुरंत कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) नागरिक अस्पताल पहुँचाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसकी हालत को बेहद चिंताजनक पाया, जिसके बाद उसे देर रात पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। फिलहाल अमन की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
अज्ञात चालक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में कुरुक्षेत्र पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और चोट पहुँचाने की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और चश्मदीदों के माध्यम से ट्रैक्टर का नंबर ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। इस हादसे ने एक बार फिर अनियंत्रित और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से होने वाले जोखिम को उजागर कर दिया है, जो अक्सर धूल और धुएं के बीच अन्य राहगीरों के लिए 'मौत का फंदा' साबित होते हैं।