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कुरुक्षेत्र में गुरु रविदास धर्मशाला सभा के चुनाव की प्रक्रिया शुरू, 20 जून से नामांकन, 19 जुलाई को डाले जाएंगे वोट

Jun 19, 2026 1:34 PM

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक हलकों में इस समय श्री गुरु रविदास मंदिर एवं धर्मशाला सभा के चुनावों को लेकर सरगर्मी चरम पर है। पिछले करीब डेढ़ साल से लटके इन चुनावों के लिए आखिरकार प्रशासनिक स्तर पर हरी झंडी मिल गई है और इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। समय पर चुनाव न होने की वजह से समाज के प्रबुद्ध लोगों में प्रशासन और सरकार के खिलाफ अच्छा-खासा रोष पनप रहा था। लोग लगातार चुनाव कराने की मांग को लेकर लामबंद थे, जिसके आगे झुकते हुए अब प्रशासक ने पूरा शेड्यूल सार्वजनिक कर दिया है।

20 जून से शुरू होगा नामांकन का दौर, 24 को मिलेंगे चुनाव चिन्ह

प्रशासक की ओर से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, चुनाव की पहली परीक्षा 20 और 21 जून को होगी, जब इच्छुक प्रत्याशी सभा के कार्यालय में अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके तुरंत बाद 21 जून की शाम को ही सभी पर्चों की स्क्रूटनी यानी जांच की जाएगी। जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उन्हें 24 जून तक का समय दिया गया है। 24 जून की दोपहर बाद मैदान में डटे अंतिम प्रत्याशियों की सूची जारी कर उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे। इसके बाद असली मुकाबला 19 जुलाई को होगा, जहां वोटिंग खत्म होते ही मतों की गिनती कर विजेताओं के नामों का एलान कर दिया जाएगा।

बैठकों का दौर शुरू, रूठों को मनाने और समीकरण साधने में जुटे गुट

चुनावी तारीखें आते ही कुरुक्षेत्र और आसपास के इलाकों में चुनावी बिसात बिछ गई है। कड़ाके की धूप और उमस के बीच संभावित उम्मीदवारों ने मतदाताओं की चौखट पर चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं। समाज के अलग-अलग धड़ों और गुटों की गुप्त व खुली बैठकों का दौर देर रात तक चल रहा है। इन बैठकों में न सिर्फ जीत का गुणा-भाग किया जा रहा है, बल्कि विरोधी खेमे में सेंध लगाने की रणनीति भी तैयार हो रही है। हर गुट इस कोशिश में है कि कॉलेजियम में उसके ज्यादा से ज्यादा सदस्य चुनकर आएं ताकि मुख्य कमेटी पर कब्जा मजबूत किया जा सके।

पूर्व प्रधान सूरजभान नरवाल ने किया फैसले का स्वागत, सहयोग की अपील

इस बीच, सभा के पूर्व प्रधान सूरजभान नरवाल ने एक बयान जारी कर चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह समाज के लोगों के साझा प्रयासों की जीत है जो लंबे समय से लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने की मांग कर रहे थे। नरवाल ने समाज के सभी वर्गों और मतदाताओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासक और रिटर्निंग अधिकारी का पूरा सहयोग करें, ताकि समाज के विकास को नई दिशा दी जा सके।

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