रीढ़ की हड्डी में फंसी रहेगी गोली, डॉक्टरों ने हाथ खड़े किए
Jun 12, 2026 12:16 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर एक युवक को सरेआम गोली मारने के मामले में एक बड़ा और दर्दनाक अपडेट आया है। हमले में गंभीर रूप से घायल खेड़ी शहीदां गांव के रहने वाले डंपर चालक गुलशन का इस समय पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम ने गहन जांच के बाद फैसला लिया है कि गुलशन की पीठ में घुसी गोली को बाहर नहीं निकाला जाएगा। मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, गोली रीढ़ की हड्डी के ऐसे संवेदनशील हिस्से और नसों के जाल के बीच फंसी है, जहां जरा सी भी चूक गुलशन को हमेशा के लिए अपाहिज बना सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल इस गोली से जान को तुरंत कोई खतरा नहीं है, इसलिए इसे शरीर के भीतर ही छोड़ना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
बर्गर खाते वक्त हुआ हमला, बीच सड़क मची चीख-पुकार
पीड़ित गुलशन ने अस्पताल के बिस्तर से पुलिस को आपबीती सुनाते हुए बताया कि यह पूरी वारदात बुधवार शाम की है। वह अपना डंपर लेकर इस्माइलाबाद बस अड्डे के पास पहुंचा था और गाड़ी साइड में खड़ी कर एक रेहड़ी पर बर्गर खाने लगा। इसी बीच एक कार में सवार होकर इस्माइलाबाद का ही मनिंद्र सिंह, उसका मामा उल्फत सिंह और एक अन्य अज्ञात युवक वहां आ धमके। कार से उतरते ही मनिंद्र ने गुलशन से गाली-गलौज और बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई। जब गुलशन ने मनिंद्र के हाथ में देसी कट्टा देखा, तो वह अपनी जान बचाने के लिए पिहोवा रोड की तरफ भागा।
भांजा चला रहा था कट्टा, मामा कार में पीछे रहकर दे रहा था शह
वारदात का सबसे खौफनाक मंजर तब देखने को मिला जब आरोपी मनिंद्र और उसका साथी गुलशन के पीछे सड़क पर दौड़ पड़े। वहीं मनिंद्र का मामा उल्फत सिंह अपनी कार से उनके पीछे-पीछे चल रहा था और लगातार चिल्लाकर अपने भांजे को गोली मारने के लिए उकसा रहा था। इसी आपाधापी के बीच मनिंद्र ने सीधे गुलशन पर दो फायर झोंक दिए। एक गोली गुलशन की पीठ के बाईं तरफ जा धंसी और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। सरेबाजार हुई इस फायरिंग से बस अड्डे पर भगदड़ मच गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची डायल-112 की टीम ने घायल को पहले पिहोवा के अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे तुरंत पीजीआई रेफर कर दिया गया।
6 महीने पुराना विवाद और मामा-भांजे की खूनी सनक
इस खूनी खेल के पीछे 6 महीने पुरानी रंजिश की कहानी निकलकर सामने आई है। गुलशन के मुताबिक, आधे साल पहले उसके दोस्त आदिल खान का मनिंद्र के साथ किसी बात को लेकर तगड़ा झगड़ा हुआ था। उस समय गुलशन और उसके साथियों पर पुलिस केस भी दर्ज हुआ था, जिसमें वे फिलहाल बेल (जमानत) पर बाहर चल रहे थे। इसी रंजिश की कसक मनिंद्र और उसके मामा उल्फत सिंह के दिल में सुलग रही थी, जिसका अंजाम इस वारदात के रूप में सामने आया। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। कुरुक्षेत्र सीआईए और स्थानीय पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।