ज्योतिसर अग्निकांड: 250 में से 70% बैटरियां और एसी जलकर स्वाहा, एक्सपर्ट एजेंसी करेगी नुकसान का सर्वे
May 28, 2026 5:43 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के प्रमुख पर्यटन केंद्र ज्योतिसर में स्थित 'महाभारत अनुभव केंद्र' में लगी आग महज एक हादसा नहीं, बल्कि तकनीकी ढुलमुलपन का नतीजा थी। जिला प्रशासन की ओर से गठित उच्च स्तरीय जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें हादसे की परत-दर-परत वजहें सामने आई हैं। एडीसी विवेक आर्य की अगुवाई वाली टीम ने पाया कि बी-ब्लॉक के जिस बेसमेंट में सोलर पावर प्लांट की रीढ़ मानी जाने वाली सैकड़ों बैटरियां रखी गई थीं, वहां तापमान को नियंत्रित रखने और ताजी हवा के सर्कुलेशन का कोई वैज्ञानिक प्रबंध नहीं था। मई की इस झुलसाने वाली गर्मी में बेसमेंट का तापमान क्रिटिकल लेवल पर पहुंच गया, जिसने थर्मल रनवे (Internal Chemical Reaction) की स्थिति पैदा कर दी। इसके बाद पहले एक बैटरी में ब्लास्ट हुआ और फिर सिलसिलेवार धमाकों ने पूरे बेसमेंट को मलबे के ढेर में बदल दिया।
250 से ज्यादा बैटरियां थीं मौजूद, मची तबाही
जांच अधिकारियों ने जब मौके का मुआयना किया तो मंजर बेहद डरावना था। हादसे के वक्त उस बंद कमरे में 250 से अधिक हाई-कैपेसिटी बैटरियां रखी हुई थीं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत पूरी तरह जलकर पिघल चुकी हैं। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि उन्होंने वहां लगे तीन बड़े एयर कंडीशनर (एसी), मुख्य इलेक्ट्रिकल कंट्रोल पैनल और पूरे केंद्र को बैकअप देने वाले हैवी यूपीएस सिस्टम को भी अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि आग ऊपरी मंजिलों तक नहीं फैली, जहां डिजिटल गैलरी और कीमती गैजेट्स लगे हैं। फिलहाल वित्तीय नुकसान का कोई अंतिम और आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन अनुमान है कि यह नुकसान करोड़ों में हो सकता है।
24 मई की वो खौफनाक दोपहर
गौरतलब है कि बीते 24 मई को इस वर्ल्ड-क्लास सेंटर के बी-ब्लॉक में अचानक धुएं का गुबार उठता देखा गया था। देखते ही देखते बेसमेंट से तोपों की गड़गड़ाहट जैसे धमाके होने लगे, जिससे आसपास के स्टाफ और पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। सौर ऊर्जा को स्टोर करने वाली बैटरियों में लगी इस आग की भयावहता को देखते हुए कुरुक्षेत्र और आसपास से दमकल विभाग की 5 गाड़ियों को मोर्चे पर लगाया गया था। फायर फाइटर्स ने जान जोखिम में डालकर कई घंटों की मशक्कत के बाद इस केमिकल और इलेक्ट्रिकल आग पर काबू पाया था।
छुट्टियों का सीजन: दो हफ्ते में दोबारा शुरू करने की चुनौती
लगभग 206 करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र को दोबारा पटरी पर लाना कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) और जिला प्रशासन के लिए साख का सवाल बन गया है। चूंकि देश भर के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में कुरुक्षेत्र पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों और बच्चों की पहली पसंद यही डिजिटल सेंटर होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने अगले 14 दिनों के भीतर युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य पूरा कर केंद्र को दोबारा चालू करने का लक्ष्य रखा है। नुकसान के तकनीकी और ढांचागत मूल्यांकन के लिए एक थर्ड-पार्टी एक्सपर्ट एजेंसी को भी कुरुक्षेत्र बुलाया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसी तकनीकी खामी दोबारा न दोहराई जाए।