चेयरमैन के घर फायरिंग के लिए मिली थी ₹30,000 की एडवांस सुपारी, पंजाब और यूपी से मिल रहे थे हथियार
May 28, 2026 10:53 AM
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के लाडवा कस्बे में पिछले महीने उद्योगपति और हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन रजनीश बंसल के आवास पर हुई सनसनीखेज फायरिंग के तार अब कुख्यात नोनी राणा गैंग से सीधे जुड़ते नजर आ रहे हैं। सीआईए की कस्टडी में चल रहे मुख्य शूटर अर्जुन पंडित ने पूछताछ में उगला है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए उसे ₹30,000 की एडवांस रकम दी गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देकर फरार हुए अर्जुन को पुलिस से बचाने और फरारी काटने के लिए गैंग के गुर्गे लगातार ऑनलाइन और कैश के जरिए फंडिंग कर रहे थे। फिलहाल सीआईए कुरुक्षेत्र इस बात का पता लगाने में जुटी है कि पूरी डील असल में कितने लाख रुपये में तय हुई थी।
जनवरी में मांगी थी रंगदारी, दबाव बनाने के लिए चुनी 15 अप्रैल की रात
इस खूनी रंजिश की पटकथा जनवरी 2025 में ही लिखी जा चुकी थी, जब चेयरमैन रजनीश बंसल के कर्मचारी ओमप्रकाश के पास रंगदारी के लिए धमकी भरा फोन आया था। जब मांग पूरी नहीं हुई, तो कारोबारियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए नोनी राणा गैंग ने इस हमले की रूपरेखा तैयार की। पूछताछ के मुताबिक, 15-16 अप्रैल की रात अर्जुन पंडित अपने एक अन्य साथी के साथ अग्रवाल कॉलोनी स्थित बंसल के घर पहुंचा। बदमाशों ने पहले घर के भीतर एक पर्ची फेंकी, जिस पर अंग्रेजी में 'शुभम पंडित, कार्तिक शर्मा, रुद्र बंसल… फिर मिलते हैं' लिखा था और इसके तुरंत बाद घर को निशाना बनाते हुए करीब 18 राउंड गोलियां दागकर इलाके में दहशत फैला दी।
शॉर्ट एनकाउंटर के बाद टूटने लगा नेटवर्क, यूपी से पंजाब तक फैले तार
कुरुक्षेत्र पुलिस ने इस मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 18 मई को मुख्य शूटर अर्जुन पंडित (निवासी कोसीकलां, मथुरा) को एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद दबोचा था। अर्जुन की निशानदेही पर सीआईए की टीम ने 22 मई को उसके पिता घनश्याम तिवारी, भाई दीपक तिवारी और मां को भी साजिश में शामिल होने और शरण देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी दीपक के कब्जे से एक अवैध देसी पिस्तौल और 4 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
बाकी मददगारों की धरपकड़ जारी, पुलिस खंगाल रही बैंक डिटेल्स
लाडवा पुलिस और सीआईए की संयुक्त जांच में इस वारदात को बैकएंड से सपोर्ट करने वाले कई और चेहरे बेनकाब हुए हैं। पुलिस इस मामले में वारदात के लिए इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और अवैध हथियार मुहैया कराने के आरोप में विशाल कुमार यादव उर्फ बीडी (निवासी दप्पर, मोहाली) और अरुणवीर सिंह उर्फ अन्नू (निवासी लालडू, पंजाब) को पहले ही जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब पूरा ध्यान उन बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन आईडी पर है, जिनके जरिए शूटरों को लगातार बैकअप मिल रहा था। अर्जुन के फरार साथी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।