लाडवा थाने में कैंसर पीड़ित युवक से मारपीट और कुकर्म का संगीन आरोप
Jun 19, 2026 4:10 PM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से पुलिसिया बर्बरता और संवेदनहीनता की एक ऐसी दास्तान सामने आई है, जिसने कानून के रखवालों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। लाडवा थाने के तहत आने वाले इंद्री नाके पर 17 जून की रात एक बोन कैंसर पीड़ित युवक को बंधक बनाकर न सिर्फ पीटा गया, बल्कि दो एएसआई (ASI) और एक होमगार्ड पर उसके साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम देने का आरोप लगा है। पीड़ित युवक वर्तमान में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल में जिंदगी और दर्द से जंग लड़ रहा है।
नाके पर रोका, वीडियो बनाने पर छीना मोबाइल
बैंक में कार्यरत पीड़ित युवक ने पुलिस कप्तान (SP) को दी शिकायत में बताया कि उसकी बाईं टांग में बोन कैंसर है और उसकी कीमोथेरेपी चल रही है। इलाज के चलते उसके सिर और शरीर के बाल पूरी तरह झड़ चुके हैं। 17 जून की रात जब वह ड्यूटी के बाद घर लौट रहा था, तो नाके पर तैनात होमगार्ड ने उसे रोक लिया। इस बीच वहां डायल-112 की गाड़ी आई, जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी। आरोप है कि गाड़ी से उतरे एक शराब के नशे में धुत पुलिसकर्मी ने युवक को थप्पड़ जड़ दिया। जब पीड़ित ने अपने मोबाइल से इस बदसलूकी का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उसका फोन छीन लिया।
'गुम चोट मारेंगे' कहकर कैंसर वाली टांग को जूतों से रगड़ा
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उसे जबरन लाडवा थाने के कमरा नंबर-4 में ले जाया गया। वहां जब उसने पुलिसवालों के सामने हाथ जोड़कर अपनी कैंसर की बीमारी का हवाला दिया, तो पुलिसकर्मियों ने बेरहमी की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने कहा कि 'तुझे ऐसी गुम चोट मारेंगे जो बाहर दिखेगी नहीं।' इसके बाद आरोपियों ने उसकी कैंसर से प्रभावित टांग को अपने जूतों से बुरी तरह रगड़ा। कीमोथेरेपी की वजह से टांगों पर बाल न होने के कारण पुलिसकर्मियों ने 'इसकी टांगें लड़कियों जैसी हैं' कहकर भद्दे कमेंट किए और फिर दो एएसआई व होमगार्ड ने उसके साथ कुकर्म किया।
ब्लीडिंग होने पर खुला राज, डीएसपी बोले— जांच जारी है
वारदात के बाद पुलिस ने युवक को डरा-धमकाकर परिजनों के हवाले कर दिया था। खौफ और लोकलाज के डर से युवक ने शुरुआत में चुप्पी साधे रखी, लेकिन अगले दिन नहाते समय जब उसे भारी ब्लीडिंग होने लगी और तबीयत बिगड़ गई, तो उसने रोते हुए परिवार को आपबीती सुनाई। परिजन उसे तुरंत लाडवा सीएचसी ले गए, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया। इस मामले पर लाडवा के डीएसपी (DSP) निर्मल सिंह ने बताया कि अस्पताल से रूक्का (सूचना) मिलने के बाद पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।