कुरुक्षेत्र LNJP अस्पताल में शर्मनाक वारदात: रिटायर्ड PMO डॉक्टर पर नाबालिग से ओपीडी में कई बार रेप का आरोप
May 31, 2026 3:40 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल 'लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल' (LNJP) के भीतर से एक ऐसी खौफनाक खबर आई है, जिसने डॉक्टर और मरीज के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया है। अस्पताल के ही एक बेहद सीनियर और रिटायर्ड पीएमओ (अब कंसल्टेंट फिजिशियन) पर एक नाबालिग लड़की को बंधकनुमा हालात में रखकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। रक्षक के ही भक्षक बन जाने की इस घटना के बाद से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
अस्पताल के फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नरेश सैनी ने इस चौंकाने वाले मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता गंभीर बीमारी और दर्द के चलते अस्पताल के फीमेल वार्ड में उपचाराधीन थी। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे जब लड़की की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और उसे अत्यधिक ब्लीडिंग होने लगी, तो डॉक्टरों ने आनन-फानन में उसे फीमेल वार्ड से निकालकर क्रिटिकल केयर यानी इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया। यहीं पर डरी-सहमी नाबालिग ने डॉक्टरों के सामने रोते हुए वह खौफनाक सच उगला, जिसे सुनकर ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ के होश उड़ गए।
कमरा नंबर 426 में इलाज के नाम पर बुना साज़िश का जाल
मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित लड़की 29 मई की सुबह अपने पिता के साथ गांव से एलएनजेपी अस्पताल आई थी। वह पेट में तेज दर्द और यूरिन इन्फेक्शन (बाथरूम में जलन) की समस्या से परेशान थी। वह ओपीडी के कमरा नंबर 426 में तैनात आरोपी डॉक्टर के पास पहुंची। आरोपी डॉक्टर ने बेहद शातिराना अंदाज में पहले तो लड़की के पिता को किसी अन्य बीमारी का हवाला देकर मेल वार्ड में भर्ती करवा दिया, ताकि वह लड़की के पास न रह सके। इसके बाद, उसने नाबालिग को चेकअप के बहाने फीमेल वार्ड में एडमिट कर लिया।
पीड़िता का आरोप है कि भर्ती करने के बाद आरोपी डॉक्टर ने उसे अपनी ओपीडी के केबिन में ही रोककर रखा और दोपहर तक उसके साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए (सेक्सुअल असॉल्ट किया)। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनोलॉजिस्ट) ने भी पीड़िता की शुरुआती जांच के बाद अपनी मेडिकल रिपोर्ट में साफ तौर पर 'मल्टीपल टाइम सेक्सुअल असॉल्ट' (कई बार दुष्कर्म) होने की बात लिखकर दी है।
सेवानिवृत्त पीएमओ हैं आरोपी डॉक्टर, प्रशासन ने पुलिस को दी तहरीर
जैसे ही अस्पताल के भीतर डॉक्टर की इस करतूत का भंडाफोड़ हुआ, एलएनजेपी अस्पताल का प्रशासनिक अमला तुरंत एक्टिव हो गया। आरोपी डॉक्टर कोई आम मुलाजिम नहीं है, बल्कि वह इसी अस्पताल में प्राइमरी मेडिकल ऑफिसर (PMO) जैसे सर्वोच्च पद से रिटायर हो चुका है और वर्तमान में अनुबंध के आधार पर बतौर कंसल्टेंट अपनी सेवाएं दे रहा था। मामले की गंभीरता और कानूनी पेचीदगियों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इसकी लिखित सूचना स्थानीय पुलिस को भेजी।
केयूके थाना पुलिस जांच में जुटी, दर्ज हो रहा बयान
इस पूरे मामले पर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयूके) थाना के एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस को सरकारी अस्पताल से एक नाबालिग से दुष्कर्म से जुड़ी बेहद संवेदनशील सूचना प्राप्त हुई है। पुलिस की एक स्पेशल टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच की कमान संभाल ली है। एसएचओ के मुताबिक, पीड़िता अभी डॉक्टरों की निगरानी में है और महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उसके आधिकारिक बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों के आधार पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO) और दुष्कर्म की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।