कुरुक्षेत्र NH-44 पर भीषण हादसा: ट्रक के पीछे घुसी दूध सप्लाई की गाड़ी, मां-बाप के इकलौते बेटे की मौत
May 31, 2026 1:45 PM
कुरुक्षेत्र। रफ्तार के कहर और हाईवे पर भारी वाहनों की लापरवाही ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार का इकलौता चिराग बुझा दिया। दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 पर शाहाबाद के नजदीक शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में करनाल के एक युवक की मौत हो गई। दूध की गाड़ियां चलाकर परिवार का पेट पालने वाले पिता के सामने ही उसके 21 साल के बेटे ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद से ही पीड़ित परिवार और पूरे कलवेहड़ी गांव में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, करनाल के कलवेहड़ी गांव के रहने वाले 53 वर्षीय रामसरूप ने अपनी अशोक लेलैंड गाड़ी को मदर डेयरी के बूथों पर दूध सप्लाई के काम में लगाया हुआ है। वे रोज़ाना करनाल से पंचकूला तक दूध पहुंचाने का काम करते हैं। हमेशा की तरह 30 मई की रात को भी करीब 1 बजे रामसरूप करनाल से दूध की खेप लोड करके पंचकूला के लिए रवाना हुए थे।
पिता का हाथ बंटाने गया था इकलौता बेटा
रामसरूप अकेले न जाएं, इसलिए उनका इकलौता बेटा प्रिंस (21) भी इस बार हेल्पर के तौर पर अपने पिता के साथ गाड़ी में गया था। दोनों ने रातभर जागकर पंचकूला के अलग-अलग बूथों पर दूध की सप्लाई दी। शनिवार सुबह काम खत्म करने के बाद दोनों बाप-बेटा वापस अपने गांव कलवेहड़ी लौट रहे थे। सुबह करीब साढ़े 9 बजे जब उनकी गाड़ी जीटी रोड पर शाहाबाद इलाके में स्थित नौ गजा पीर से थोड़ा आगे निकली, तभी यह हादसा हो गया।
अचानक ब्रेक लगने से ट्रक के पीछे धंस गई गाड़ी
बताया जा रहा है कि उनकी गाड़ी के आगे चल रहे एक ट्रक (नंबर- HR38W 5640) के चालक ने बिना कोई इंडिकेटर या सिग्नल दिए अचानक बीच सड़क पर ही ज़ोरदार ब्रेक लगा दिए। रामसरूप जब तक संभल पाते और अपनी गाड़ी को रोक पाते, उनकी गाड़ी सीधे आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और वह ट्रक के नीचे ही फंस गई।
केबिन काटकर बाहर निकाले गए पिता-पुत्र
हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। रामसरूप और उनका बेटा प्रिंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके केबिन के अंदर ही फंस गए और हिल भी नहीं पा रहे थे। मौके पर जुटे राहगीरों ने तुरंत इस बात की सूचना शाहाबाद पुलिस को दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहगीरों की मदद से लोहे की रॉड और कटर मंगाए। काफी मशक्कत के बाद गाड़ी के दरवाजों को तोड़ा गया और केबिन का हिस्सा काटकर दोनों को लहूलुहान हालत में बाहर निकाला गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
दोनों को तुरंत एम्बुलेंस के ज़रिए आदेश अस्पताल मोहड़ी पहुंचाया गया। वहां प्रिंस की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। वहीं पिता रामसरूप को मामूली चोटें आई हैं, जिनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर गाड़ी छोड़कर मौके से भागने में कामयाब रहा। शाहाबाद थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।