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कुरुक्षेत्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जमीन बेचने के नाम पर महिला से 15 लाख ठगने वाला अंग्रेज सिंह गिरफ्तार

May 29, 2026 5:02 PM

कुरुक्षेत्र। जमीन-जायदाद के धंधे में फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला पिहोवा क्षेत्र का है, जहां एक महिला को खुद को जमीन का मालिक बताकर लाखों की चपत लगाने वाले आरोपी अंग्रेज सिंह को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। जिला पुलिस कप्तान चंद्र मोहन के कड़े रुख के बाद आर्थिक अपराधों और धोखाधड़ी के मामलों में पिहोवा पुलिस लगातार मुस्तैद नजर आ रही है। इसी कड़ी में शहर थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील वत्स की देखरेख में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) लोकित कुमार की टीम को यह कामयाबी हाथ लगी है।

मार्च में दर्ज हुई थी शिकायत, जांच में खुली फर्जीवाड़े की परतें

मामले की जड़ें मार्च 2026 में दर्ज हुई एक शिकायत से जुड़ी हैं। मलिकपुर गांव की रहने वाली पीड़ित महिला ने पिहोवा शहर थाने में गुहार लगाते हुए बताया था कि उसी के गांव के अंग्रेज सिंह ने उसे अपने झांसे में लिया था। अंग्रेज सिंह ने गांव में स्थित 7 कनाल, 4 मरले और 8 सरसई जमीन को अपनी मल्कियत बताते हुए महिला के सामने बेचने का प्रस्ताव रखा। ग्रामीण पृष्ठभूमि में जमीन की खरीद-फरोख्त के आम तौर-तरीकों के तहत दोनों पक्षों के बीच कुल 29 लाख रुपए में सौदा पक्का हो गया।

महिला ने आरोपी पर भरोसा करके सौदे के बयाने (एडवांस) के तौर पर 10 लाख रुपए नकद थमा दिए और बाकायदा कागजों पर 23 मई 2026 को रजिस्ट्री कराने की तारीख मुकर्रर हो गई। लेकिन आरोपी की नीयत यहीं नहीं रुकी। रजिस्ट्री की तारीख आने से पहले ही उसने अपनी किसी मजबूरी का वास्ता देकर महिला से 5 लाख रुपए और ऐंठ लिए। इस तरह महिला के कुल 15 लाख रुपए आरोपी की जेब में चले गए।

पुलिस की रेड और कोर्ट का आदेश; सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी

पैसे डूबते और खुद को ठगा देख पीड़ित महिला ने पिहोवा शहर थाने में तहरीर दी। मामले की कमान संभालते हुए पीएसआई लोकित कुमार ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों को इकट्ठा किया। जैसे ही आरोपी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के पुख्ता सबूत हाथ लगे, पुलिस टीम ने 27 मई को जाल बिछाकर आरोपी अंग्रेज सिंह को उसके पैतृक गांव मलिकपुर से दबोच लिया।

थाना प्रभारी सुनील वत्स ने बताया कि आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि इस फर्जीवाड़े में क्या कोई अन्य विभागीय कर्मचारी या दलाल भी शामिल था। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत के तहत कारागार (जेल) भेज दिया गया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि जमीन खरीदते समय सरकारी रिकॉर्ड की जांच स्वयं तहसील कार्यालय जाकर जरूर करें।

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