कुरुक्षेत्र पुलिस और बदमाशों के बीच NH-44 पर मुठभेड़, दो शूटरों के पैर में लगी गोली
Jun 17, 2026 10:31 AM
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के गांधी नगर में रविवार तड़के हुई अंधाधुंध फायरिंग के आरोपियों को दबोचने गई सीआईए-1 की टीम और बदमाशों के बीच मंगलवार रात को जीटी रोड पर आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 पर शाहाबाद के रतनगढ़ इलाके में दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। इस एनकाउंटर में गांधी नगर के रहने वाले दो मुख्य आरोपियों कपिल और टोनी के पैरों में पुलिस की गोलियां लगी हैं। पुलिस ने दोनों को घायल हालत में दबोच कर तुरंत शाहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल रेफर करने की तैयारी चल रही है।
सीआईए-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार ने मामले का ब्यौरा देते हुए बताया कि मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि गांधी नगर गोलीकांड के शूटर रतनगढ़ क्षेत्र के पास छिपे बैठे हैं। इस इनपुट पर जब पुलिस टीम ने निर्माणाधीन जाट धर्मशाला के पास घेराबंदी की, तो आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर भागने की फिराक में दिखे। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय सीधे सीआईए की टीम पर फायरिंग झोंक दी। इस दौरान बदमाशों की एक गोली सीआईए के एएसआई राहुल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी, जिससे वे बाल-बाल बच गए।
दोनों तरफ से हुई छह-सात राउंड फायरिंग, हथियार बरामद
पुलिस के मुताबिक, खुद पर हुए हमले के बाद सीआईए टीम ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई शुरू की। इस मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से करीब 6 से 7 राउंड गोलियां चलीं। पुलिस कर्मियों ने बदमाशों को सरेंडर करने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन वे लगातार ट्रिगर दबाते रहे। आखिरकार पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैरों में गोलियां लगीं और वे जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद टीम ने उन्हें दबोच लिया।
पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने दो अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल की जा रही बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। अब इस बात की गहनता से तफ्तीश की जा रही है कि बरामद किए गए इन हथियारों का इस्तेमाल पहले किन-किन आपराधिक वारदातों में किया जा चुका है। स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने और मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी मौके पर बुला लिया है।
सट्टेबाजी के वर्चस्व में चली थीं गोलियां, नाले में गिरी थी स्कॉर्पियो
इस पूरे मामले की कड़ियां रविवार तड़के गांधी नगर में हुई खूनी वारदात से जुड़ी हुई हैं। पुलिस जांच में यह साफ हो चुका है कि कपिल और टोनी ने ही रविवार को गांधी नगर में सरेआम गोलियां बरसाई थीं, जिसमें अमन और प्रिंस नाम के दो युवक गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। दोनों घायलों का इलाज फिलहाल पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि पूरी लड़ाई इलाके में सट्टेबाजी और जुए के अवैध कारोबार पर वर्चस्व कायम करने को लेकर शुरू हुई थी।
सूत्रों का कहना है कि दोनों गुटों के बीच लंबे समय से पैसों के लेन-देन और आपसी रंजिश को लेकर तनाव चरम पर था, जिसके बाद इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया। रविवार को फायरिंग करने के बाद आरोपी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से भाग रहे थे, लेकिन गोलियों की आवाज सुनकर घायलों के साथियों ने उनका पीछा कर लिया था। हड़बड़ाहट में बदमाशों की स्कॉर्पियो सड़क किनारे एक गहरे नाले में जा गिरी थी। उस वक्त तो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों के रास्ते भागने में कामयाब रहे थे, लेकिन मंगलवार रात वे पुलिस के चक्रव्यूह से नहीं बच पाए।