कुरुक्षेत्र करंट हादसा: शाहाबाद में ट्रांसफार्मर के पास स्कूल वैन को रास्ता देना पड़ा भारी, तड़पकर दम तोड़ा
May 20, 2026 10:56 AM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद उपमंडल के तहत आने वाले गांव चनारथल में बिजली निगम की लापरवाही एक हंसते-खेलते परिवार पर भारी पड़ गई। खेतों में खाद और कीटनाशक स्प्रे का काम करने वाले 50 वर्षीय बलविंदर सिंह की ट्रांसफार्मर से उतरे करंट की चपेट में आने से असमय मौत हो गई। बलविंदर अपने पीछे दो बच्चों और पत्नी का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
स्कूल वैन को साइड देना बना काल
सोमवार की सुबह बलविंदर खेतों का काम निपटाकर पैदल ही अपने घर की तरफ लौट रहे थे। जब वह गांव की एक संकरी गली से गुजर रहे थे, तभी सामने से एक स्कूल वैन आ गई। वैन को सुरक्षित रास्ता देने के लिए बलविंदर गली के किनारे लगे ट्रांसफार्मर के पास थोड़ा पीछे हटे। इसी दौरान उनका शरीर ट्रांसफार्मर से छू गया, जिसमें पहले से ही करंट उतरा हुआ था। करंट का झटका इतना जोरदार था कि बलविंदर बुरी तरह झुलस कर जमीन पर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने शोर मचाया और लाठी-डंडों की मदद से उन्हें अलग कर तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एक साल से 'डायरेक्ट' चल रहा था फेज, शिकायतें अनसुनी
इस हादसे ने गांव में बरसों से सुलग रहे गुस्से को हवा दे दी है। ग्रामीण नरेश कश्यप और अन्य निवासियों ने बताया कि गांव में बिजली की व्यवस्था पिछले एक साल से बदहाल है। गली में लगा ट्रांसफार्मर और उसके फ्यूज बॉक्स नियमों को ताक पर रखकर बेहद नीचे लगाए गए हैं, जिससे आए दिन मवेशियों और बच्चों के लिए खतरा बना रहता था। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस ट्रांसफार्मर का एक फेज पिछले एक साल से बिजली कर्मियों ने डायरेक्ट जोड़ रखा था, यानी उसमें कोई सेफ्टी कट-ऑफ नहीं था। इस बारे में कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
रात को लाइनमैन ने आने से किया था इंकार, ग्रामीणों में भारी गुस्सा
ग्रामीणों ने बताया कि रविवार रात करीब 1 बजे से ही गांव के इस हिस्से की बत्ती गुल थी। रात को ही लाइनमैन को फोन कर फ्यूज उड़ने की जानकारी दी गई थी, लेकिन उसने साफ कह दिया कि वह सुबह 8 बजे अपनी ड्यूटी टाइम पर ही आएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर रात को ही आकर लाइन ठीक कर दी जाती या बिजली बंद रखी जाती, तो सुबह यह हादसा न होता। घटना के बाद घंटों तक पुलिस या बिजली विभाग के किसी बड़े अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने शव को उठाने से इंकार करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीण अब पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।