कुरुक्षेत्र में खौफ: नहर में छिपे हैं 3 विशालकाय मगरमच्छ, पकड़ने के लिए गोताखोर प्रगट सिंह ने संभाला मोर्चा।
May 10, 2026 11:30 AM
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से गुजरने वाली सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर इन दिनों किसी जलीय युद्ध क्षेत्र जैसी नजर आ रही है। नहर में डेरा डाले बैठे विशालकाय मगरमच्छों को काबू करने के लिए वाइल्ड लाइफ विभाग और मशहूर गोताखोर प्रगट सिंह की टीम ने संयुक्त 'रेस्क्यू ऑपरेशन' छेड़ दिया है। बचगांव, दबखेड़ी और उदारसी गांव के आसपास के इलाकों में रविवार को सर्च ऑपरेशन का दूसरा दिन है। ग्रामीणों में दहशत इस कदर है कि लोगों ने नहर की पटरी पर टहलना और पशुओं को पानी पिलाना तक बंद कर दिया है।
नहर में छिपे हैं तीन 'शिकारी', 12 फीट लंबे मगरमच्छ ने उड़ाई नींद
विशेषज्ञों और प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो नहर के इस हिस्से में एक-दो नहीं, बल्कि तीन मगरमच्छों की मौजूदगी की आशंका है। इनमें सबसे ज्यादा खौफ उस 12 फीट लंबे मगरमच्छ का है, जिसे पिछले दिनों गोताखोरों ने अपनी आंखों से देखा था। इसके अलावा दो अन्य मगरमच्छ भी बताए जा रहे हैं, जिनकी लंबाई 6 से 10 फीट के बीच है। शनिवार को टीम ने दिनभर जाल बिछाकर इनका इंतजार किया, लेकिन 'जल के ये शिकारी' चकमा देने में कामयाब रहे। आज रविवार को रणनीति बदलकर दोबारा जाल फैलाए गए हैं।
पानी का स्तर घटने से मिली बढ़त, अब छिपना होगा मुश्किल
वन विभाग के लिए इस ऑपरेशन में सबसे बड़ी राहत की बात SYL नहर में पानी का कम होना है। दरअसल, मरम्मत कार्य के चलते नहर में पानी का स्तर घटाकर महज 3 से 4 फीट कर दिया गया है। पानी कम होने से मगरमच्छों के पास छिपने के लिए गहराई नहीं बची है और किनारों की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण वे आसानी से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं। वाइल्ड लाइफ टीम को उम्मीद है कि उथले पानी में इन भारी-भरकम मगरमच्छों को जाल में फांसना ज्यादा आसान होगा।
खौफ का वीडियो और गोताखोरों की चुनौती
मगरमच्छों का यह डर तब हकीकत में बदला जब पिछले सप्ताह लापता ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह की तलाश के दौरान गोताखोर प्रगट सिंह और SDRF की टीम का सामना इस 12 फीट लंबे मगरमच्छ से हुआ। प्रगट सिंह ने बताया कि "इतने बड़े मगरमच्छ को गहरे पानी में पकड़ना जान जोखिम में डालने जैसा है, क्योंकि वह जाल तक फाड़ सकता है।" उन्होंने बताया कि मगरमच्छ धूप सेंकने के लिए अक्सर बाहर आते हैं, लेकिन आहट मिलते ही पानी में ओझल हो जाते हैं। फिलहाल, पूरे इलाके में अलर्ट जारी है और टीम पूरी सावधानी के साथ जाल के फंदे को कसने की तैयारी में है।