KUK ब्रेकिंग: परीक्षा हॉल में एसी कंप्रेसर फटने से मची अफरा-तफरी, सभी 25 स्टूडेंट्स सुरक्षित निकाले गए
May 22, 2026 3:32 PM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के उच्च शिक्षा के सबसे बड़े केंद्रों में शुमार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन डिपार्टमेंट की हाई-टेक लैब में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब चालू परीक्षा के बीच दीवार पर लगे एक एसी में बम की तरह जोरदार ब्लास्ट हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि कुछ ही सेकेंड्स के भीतर पूरी लैब आग की लपटों और दम घोंटू धुएं के गुबार में तब्दील हो गई। लैब के भीतर कंप्यूटर स्क्रीन्स पर नजरें गड़ाए बैठे छात्रों में चीख-पुकार मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए दरवाजों की तरफ भागे।
विभागाध्यक्ष की सूझबूझ आई काम, टल गया एक बड़ा और दर्दनाक हादसा
विभाग के अध्यक्ष (HOD) प्रो. चंद्रकांत ने घटना की तस्दीक करते हुए बताया कि उस वक्त लैब में छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षा चल रही थी और माहौल पूरी तरह शांत था। अचानक हुए इस धमाके के बाद उन्होंने और वहां मौजूद टीचिंग स्टाफ ने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाला। स्टाफ ने हौसला दिखाते हुए सबसे पहले लैब का मुख्य दरवाजा खोला और सभी 25 छात्र-छात्राओं को एक-एक करके सुरक्षित तरीके से इमारत से नीचे ग्राउंड फ्लोर पर भिजवाया। यदि स्टाफ ने मुस्तैदी न दिखाई होती, तो घने धुएं के कारण बच्चों का दम घुट सकता था और एक बड़ा हादसा हो जाता। छात्रों को सुरक्षित करने के बाद फौरन इसकी सूचना यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी अमले और दमकल विभाग को दी गई।
राख के ढेर में बदले लाखों के कंप्यूटर, आधे घंटे तक चला 'फायर फाइटिंग ऑपरेशन'
हादसे के तुरंत बाद यूनिवर्सिटी स्टाफ ने मौके पर मौजूद फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने वाले सिलेंडर) की मदद से लपटों को दबाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि उस पर काबू पाना नामुमकिन था। सूचना मिलने के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्केट के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझती, तब तक लैब में रखा लाखों रुपये का सामान खाक हो चुका था। आग की चपेट में आने से कई महंगे कंप्यूटर सिस्टम, यूपीएस, वायरिंग और एयर कंडीशनर पूरी तरह बर्बाद हो गए।
पुराने पड़ चुके थे एसी, मेंटेनेंस और भीषण गर्मी ने बिगाड़ा खेल
आखिर इस ब्लास्ट की वजह क्या थी? इस सवाल पर प्रो. चंद्रकांत का कहना है कि शुरुआती जांच और हालात को देखकर लग रहा है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट और अत्यधिक गर्मी के कारण हुआ है। उन्होंने एक कड़वी हकीकत स्वीकार करते हुए बताया कि लैब में लगे कुछ एसी काफी पुराने हो चुके थे और पिछले कुछ दिनों में विभाग के कई अन्य एसी भी खराब हुए थे। दरअसल, इन दिनों उत्तर भारत में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण कूलिंग अप्लायंसेज पर लोड बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिसे पुराने उपकरण बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।
दहशत के बीच दूसरी लैब में पूरा हुआ बच्चों का प्रैक्टिकल
इस खौफनाक हादसे के बाद यूनिवर्सिटी के आला अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंच गए हैं और पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, इस घटना के बाद छात्रों और स्टाफ के बीच काफी देर तक दहशत और सन्नाटे का माहौल देखा गया। प्रो. चंद्रकांत ने बताया कि गनीमत रही कि हादसे से पहले ज्यादातर छात्रों का लिखित काम और कंप्यूटर प्रैक्टिस पूरी हो चुकी थी और बच्चे केवल अपना वाइवा (मौखिक परीक्षा) दे रहे थे। घटना के बाद जिन बच्चों का प्रैक्टिकल अधूरा रह गया था, उन्हें प्रशासनिक सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत दूसरी लैब में शिफ्ट किया गया और वहां उनका प्रैक्टिकल शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।