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लाडवा बीडीपीओ कार्यालय में तीन दिवसीय योग शिविर संपन्न, सरपंचों और सचिवों ने किया योगाभ्यास

Jun 14, 2026 4:28 PM

लाडवा (विजय कौशिक)। भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी और मानसिक तनाव के बीच सेहतमंद रहने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए लाडवा ब्लॉक में आयोजित तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का समापन बेहद सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ। बीडीपीओ कार्यालय के प्रांगण में सजे इस योग पंडाल में पिछले तीन दिनों से सुबह-सुबह सुरम्य वातावरण में योग की धारा बह रही थी। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' के लिए ब्लॉक स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स और कर्मचारियों को तैयार करना था, ताकि इस वैश्विक आयोजन को ग्रामीण स्तर तक एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके।

सरपंचों और ग्राम सचिवों ने सीखी योग की बारीकियां; आधुनिक बीमारियों पर विशेषज्ञों ने दी सलाह

शिविर के अंतिम दिन आयुष विभाग के योग सहायक कमल किशोर ने मुख्य योग प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हुए उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को योग प्रोटोकॉल के तहत निर्धारित आसनों का चरणबद्ध अभ्यास कराया। इस दौरान उनके सहयोगी योग शिक्षक बाल कृष्ण मल्होत्रा और योग सहायक नरेंद्र ने आसन करने के सही तौर-तरीकों और श्वास प्रक्रिया (प्राणायाम) के नियमों की बारीकियां समझाईं।

विशेष रूप से मौजूद आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी (AMO) डॉ. पूजा मंढाण और डॉ. सोनाक्षी धीमान ने आज के दौर में तेजी से पांव पसार रहे साइलेंट किलर्स यानी मोटापा, शुगर (मधुमेह) और हाई ब्लड प्रेशर जैसी जीवनशैली जनित बीमारियों पर चिंता व्यक्त की। महिला डॉक्टरों ने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ समझाया कि कैसे हर रोज मात्र आधा घंटा निकाला गया समय और नियमित योगाभ्यास इन गंभीर बीमारियों को बिना दवाओं के नियंत्रित कर सकता है।

प्रशासनिक अमले की मुस्तैदी; ग्रामीण अंचलों तक योग पहुंचाने का संकल्प

खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) विनोद सांगवान की देखरेख में आयोजित इस समापन समारोह में प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग का बेहतर तालमेल देखने को मिला। आयुष विभाग की ओर से जहां डॉक्टरों की टीम के साथ फार्मासिस्ट धर्मवीर सैनी मोर्चा संभाले हुए थे, वहीं बीडीपीओ कार्यालय की तरफ से सहायक मोहन शर्मा और अकाउंटेंट रणधीर सिंह सहित पूरा कनिष्ठ स्टाफ मौजूद रहा। शिविर के समापन पर सभी उपस्थित जनसमूह ने यह संकल्प लिया कि वे इस कैंप से सीखे गए योग के ज्ञान को केवल अपने तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि अपने-अपने गांवों और वार्डों में जाकर आम जनता को भी योग के प्रति जागरूक करेंगे ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

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