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'जब लड़का-लड़की होंगे एक समान, तभी बनेगा देश महान'—लाडवा CHC बैठक में बोले डॉ. कृष्ण कांत

May 27, 2026 1:11 PM

लाडवा (कैलाश गोयल) हरियाणा में लिंगानुपात को सुधारने के लिए चलाए जा रहे तमाम अभियानों के बावजूद कुछ ग्रामीण इलाकों में आज भी पुरानी और संकीर्ण सोच हावी है। लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO) डॉ. कृष्ण कांत ने इसी गंभीर विषय पर चोट की। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि समाज का संतुलन तभी बना रह सकता है जब लड़के और लड़कियों को बराबर का दर्जा मिले। डॉ. कृष्ण कांत ने साफ किया कि जब तक हम बेटियों को बेटों के समान अवसर नहीं देंगे, तब तक एक महान राष्ट्र की कल्पना अधूरी है।

लाडवा के इन गांवों में हालात सबसे ज्यादा खराब

यह बैठक महज कागजी चर्चा नहीं थी, बल्कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जुटाए गए मौजूदा आंकड़ों के आधार पर बुलाई गई थी। आंकड़ों के मुताबिक, लाडवा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का मिला-जुला औसत लिंगानुपात इस समय 941 दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा संतोषजनक लग सकता है, लेकिन इसके भीतर छिपी जमीनी हकीकत डराने वाली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाले छलोंदी, जंडेरा, सुरा, समालखा, सोंटी और बरोट जैसे गांवों में सेक्स रेशियो का ग्राफ काफी नीचे गिर चुका है। इन ब्लैक-स्पॉट वाले गांवों में सुधार लाने के लिए विभाग ने अब कमर कस ली है।

लिंग जांच और अवैध गर्भपात रैकेट पर रहेगी पैनी नजर

डॉ. कृष्ण कांत ने बैठक में मौजूद एएनएम (ANM), आशा वर्कर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने-अपने इलाकों में खुफिया तंत्र की तरह काम करें। उन्होंने निर्देश दिए कि चोरी-छिपे होने वाली भ्रूण लिंग जांच और गैर-कानूनी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) करवाने वाले गिरोहों और झोलाछाप डॉक्टरों पर कड़ी नजर रखी जाए। SMO ने स्पष्ट कर दिया कि यदि किसी भी क्षेत्र में ऐसी अवैध गतिविधि की भनक लगती है, तो उसकी रिपोर्ट तुरंत उच्च अधिकारियों को दी जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घर-घर जाकर परिवारों की काउंसलिंग करेंगी आशा वर्कर्स

प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ समाज की सोच को बदलना भी इस अभियान का एक बड़ा हिस्सा है। इसके लिए आशा वर्कर्स और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे गर्भवती महिलाओं और उनके ससुराल वालों से सीधे संवाद करें। उन्हें 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत मिलने वाले फायदों और समाज में बेटियों की अहमियत के बारे में समझाया जाएगा। बैठक के अंत में डॉ. रचना, डॉ. पूजा, स्वास्थ्य निरीक्षक जसमेर कुमार, बीएसी गीता शर्मा, अमरीक और भारती सहित सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने सामूहिक रूप से लाडवा क्षेत्र के लिंगानुपात को एक आदर्श स्तर पर लाने का संकल्प लिया।

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