लाडवा में सोमवती अमावस्या पर बड़ा काम: कैलाश सैनी और सचिन गर्ग ने गौशाला में किया नए शेड का उद्घाटन
Jun 16, 2026 5:14 PM
लाडवा (कैलाश गोयल) सोमवती अमावस्या के दुर्लभ महासंयोग पर लाडवा की ऐतिहासिक श्री कृष्ण गौशाला में आस्था और जनसेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अमूमन त्योहारों और व्रतों पर लोग केवल स्नान-दान तक सीमित रहते हैं, लेकिन लाडवा में इस दिन को मूक पशुओं की सेवा के संकल्प के रूप में मनाया गया। इस पावन अवसर पर सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक प्रतिनिधि कैलाश सैनी और इलाके के प्रमुख समाजसेवी सचिन गर्ग विशेष रूप से गौशाला परिसर पहुंचे। दोनों मुख्य अतिथियों का गौशाला प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौ माता के भव्य पूजन से हुई। गायों को नए और सुंदर वस्त्रों (झूल) से सजाया गया, उनके मस्तक पर रोली-चंदन का तिलक लगाकर आरती उतारी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि कैलाश सैनी ने अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए गुड़ का तुलादान किया, वहीं दूसरी ओर समाजसेवी सचिन गर्ग ने भी पवित्र तिथि के महत्व को देखते हुए लड्डूओं का तुलादान संपन्न किया। तुलादान के इस पावन प्रसाद और भारी मात्रा में हरे चारे को परिसर में मौजूद तमाम गोवंश को बड़े चाव से खिलाया गया।
शेड बनने से बेसहारा गायों को मिलेगी तपती धूप और कड़ाके की ठंड से निजात
इस धार्मिक आयोजन की सबसे बड़ी और व्यावहारिक उपलब्धि रही गौशाला में एक नए विशाल शेड का लोकार्पण। अक्सर देखा जाता है कि बजट या जगह की कमी के चलते गौशालाओं में गोवंश को खुले आसमान के नीचे मौसम की बेरुखी झेलनी पड़ती है। इसी समस्या को भांपते हुए समाजसेवी सचिन गर्ग ने आगे बढ़कर इस शेड का निर्माण करवाया है।
नवनिर्मित शेड का फीता काटने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सचिन गर्ग ने बताया कि इस शेड के चालू हो जाने से लगभग 50 गायों और बछड़ों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। अब वे भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और आने वाले दिनों में मानसून की भारी बारिश से पूरी तरह सुरक्षित रह सकेंगे। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल बातों से नहीं, बल्कि धरातल पर उनके लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं जुटाने से ही सार्थक होगी।
गाय की सेवा ही राष्ट्र की सच्ची सेवा: कैलाश सैनी
गौ भक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि कैलाश सैनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय अर्थव्यवस्था और आध्यात्मिकता दोनों की धुरी है। उन्होंने कहा, "हमारे वेदों और पुराणों में स्पष्ट उल्लेख है कि गौ माता के भीतर तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। जब हम एक गाय की सेवा करते हैं, तो हम ब्रह्मांड की समस्त दैवीय शक्तियों की आराधना कर रहे होते हैं।"
कैलाश सैनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से भी स्थानीय जनता को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव प्रशासनिक व आर्थिक मदद दी जा रही है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य रसूखदार और सक्षम लोगों से भी अपील की कि वे अपनी कमाई का एक छोटा सा हिस्सा इन बेसहारा पशुओं के चारे और चिकित्सा के लिए जरूर दान करें। इस मौके पर लाडवा के कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गौ भक्त मौजूद रहे, जिन्होंने इस पुनीत कार्य की सराहना की।