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Ladwa News: लाडवा के 21 वर्षीय मंदीप सिंह की कनाडा में मौत, स्विमिंग पूल में पैर फिसलने से हुआ हादसा

Jun 04, 2026 3:50 PM

लाड़वा (विजय कौशिक) लाडवा के रहने वाले एक और होनहार युवक की सात समंदर पार कनाडा में दर्दनाक मौत की खबर सामने आई है। श्री सनातन धर्म महावीर दल लाडवा के उपप्रधान राम कुमार के भतीजे और प्रदीप कुमार के 21 वर्षीय छोटे बेटे मंदीप खाकट (मंदीप सिंह) की कनाडा के हैमिल्टन शहर में पानी में डूबने से मौत हो गई। मंदीप के पिता प्रदीप कुमार ने भरे गले से बताया कि उनका बेटा करीब दो साल पहले उच्च शिक्षा और रोजगार की तलाश में कनाडा के ब्रैम्पटन गया था। इन दिनों वह हैमिल्टन में 'चाइल्ड हेल्थ केयर' सेक्टर में नौकरी कर रहा था और अपनी जिंदगी में अच्छा मुकाम हासिल करने के लिए संघर्षरत था।

मालिक के फोन से मिली हादसे की खबर, वेंटिलेटर पर टूटी सांसें

परिजनों के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा बीते 20 मई को कनाडा के समयानुसार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुआ, जब भारत में रात का करीब 1 बज रहा था। मंदीप हैमिल्टन के एक स्विमिंग पूल में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि पूल के किनारे अत्यधिक फिसलन थी, जिसके कारण मंदीप का पैर अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गया। पैर फिसलने से वह सीधे पूल के गहरे पानी में चला गया। हादसे के तुरंत बाद मंदीप के नियोक्ता (मालिक) ने भारत में उसके परिवार को फोन कर इस अनहोनी की सूचना दी, जिससे घर में कोहराम मच गया।

मंदीप को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ छह से सात विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की जी-तोड़ कोशिश की। लेकिन फेफड़ों और फिर दिमाग में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण मंदीप का ब्रेन पूरी तरह डैमेज हो चुका था। तीन दिनों तक वेंटिलेटर और डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बाद आखिरकार 23 मई की रात करीब 10 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

महज 21 साल का था मंदीप, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक मंदीप के पिता प्रदीप कुमार ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा अभी महज 21 साल का था; बीते साल 3 दिसंबर को ही उसने अपना 21वां जन्मदिन मनाया था। मंदीप के परिवार में उसके माता-पिता के अलावा एक बड़ा भाई और उसका परिवार है। छोटा बेटा होने के नाते मंदीप सबका चहेता था और उसके विदेश जाने के बाद परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। इस असमय काल के ग्रास बने युवक की खबर जैसे ही लाडवा इलाके में फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके निवास पर पहुँच रहे हैं। परिवार अब मंदीप के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए भारत लाने की कोशिशों में जुटा है।

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