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भौर सैयदां और गढ़ी सिंहा पहुंची मेडिकल वैन, 92 ग्रामीणों का हुआ मुफ्त इलाज

May 28, 2026 5:08 PM

पिहोवा (अभिषेक पूर्णिमा) ग्रामीण अंचलों में आज भी बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिलना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी अंतर को पाटने और आम आदमी को राहत देने के मकसद से कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल की अगुवाई में चलाई जा रही 'नवीन जिंदल फाउंडेशन मेडिकल वैन' गुरुवार को पिहोवा क्षेत्र के गांव भौर सैयदां और गढ़ी सिंहा पहुंची। वैन के गांव में कदम रखते ही अपना चेकअप कराने के लिए ग्रामीणों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं का तांता लग गया। डॉ. प्रमोद सिंह के नेतृत्व में आई प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 92 लोगों की जांच की। इस दौरान 79 जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयां वितरित की गईं, जबकि डॉक्टरों की सलाह पर 13 मरीजों के विभिन्न प्रकार के लैब टेस्ट भी बिना किसी शुल्क के किए गए।

'जो कहा, सो किया'— सांसद के प्रयासों की ग्रामीणों ने की सराहना

इस मौके पर नवीन जिंदल की इस त्वरित पहल की तारीफ करते हुए गढ़ी सिंहा के सरपंच दिलबाग सिंह और भौर सैयदां के प्रमुख नागरिक विनोद शर्मा ने कहा कि सांसद नवीन जिंदल अपनी बात के धनी हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने इलाके की जनता से जो वादे किए थे, उन्हें एक-एक कर धरातल पर लाना शुरू कर दिया है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सांसद बनने के तुरंत बाद ही उन्होंने निःशुल्क मेडिकल वैन सेवा की शुरुआत कर दी। इसके अलावा बेटियों की शादी के लिए 2100 रुपये की कन्यादान योजना, होनहारों के लिए यशस्वी छात्रवृत्ति योजना और युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्किल सेंटर की स्थापना जैसे कदम यह बताते हैं कि वे कुरुक्षेत्र की जनता के विकास के लिए पूरी तरह गंभीर हैं।

बुजुर्गों और महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही मोबाइल वैन

सांसद कार्यालय के प्रभारी धर्मवीर सिंह ने इस सेवा के दूरगामी विजन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में चिकित्सा बेहद महंगी और आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है। सांसद नवीन जिंदल का साफ सोचना है कि किसी भी व्यक्ति को इलाज के अभाव में परेशान न होना पड़े। उन्होंने बताया कि इस मुहिम का सबसे बड़ा फायदा उन बुजुर्गों और महिलाओं को मिल रहा है, जो शारीरिक कमजोरी या किसी अन्य लाचारी के कारण बड़े शहरों के अस्पतालों तक नहीं जा पाते। यह मेडिकल टीम न केवल मुफ्त इलाज और टेस्ट कर रही है, बल्कि लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति समय रहते सचेत और जागरूक भी कर रही है।

सेहत के साथ-साथ पोषण की पाठशाला

यह मेडिकल कैंप सिर्फ दवाइयां बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैन के साथ आए महिला स्टाफ ने गांव की युवतियों और गर्भवती महिलाओं को सेहत का पाठ भी पढ़ाया। टीम द्वारा महिलाओं के शरीर में कैल्शियम, प्रोटीन और आवश्यक विटामिंस की मात्रा की जांच की गई। महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को समझाया कि वे रोजमर्रा के खान-पान में किस तरह सुधार कर खुद को और अपने होने वाले बच्चे को कुपोषण से बचा सकती हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को शरीर में पनपने वाली बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को पहचानने के तरीके भी सिखाए गए, ताकि सही समय पर सही इलाज शुरू हो सके।

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