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तौलिए पर टोकने से शुरू हुआ बवाल, अब NIT के सहायक रजिस्ट्रार से माफी की मांग पर अड़े कर्मचारी

May 04, 2026 12:19 PM

कुरुक्षेत्र (जग मार्ग)। कुरुक्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान NIT में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। संस्थान के केंद्रीय स्टोर में कार्यरत एक वरिष्ठ स्टोरकीपर और हाल ही में नियुक्त हुए सहायक रजिस्ट्रार के बीच शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक संकट का रूप ले चुका है। स्टोरकीपर जंगीर सिंह ने सहायक रजिस्ट्रार रमेश पर तानाशाही रवैया अपनाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

तौलिए से शुरू हुई बात, स्टूल तक पहुँची

घटनाक्रम के अनुसार, सहायक रजिस्ट्रार रमेश ने 20 अप्रैल को पदभार संभाला था। 27 अप्रैल को स्टोर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने जंगीर सिंह की कुर्सी पर रखे तौलिए पर आपत्ति जताई। आरोप है कि इसके अगले ही दिन, बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित आदेश के, स्टोरकीपर की कुर्सी वहां से हटवा दी गई। जब जंगीर सिंह दफ्तर पहुंचे, तो कुर्सी न पाकर उन्हें दिन भर स्टूल पर बैठकर ड्यूटी करनी पड़ी। इस व्यवहार से आहत होकर जंगीर सिंह शाम को अनिवार्य छुट्टी पर चले गए और मामले की शिकायत संस्थान के रजिस्ट्रार से की।

नोटिस की वैधानिकता पर सवाल

मामला तब और बिगड़ गया जब सहायक रजिस्ट्रार ने शिकायत करने वाले स्टोरकीपर और बीच-बचाव करने आए कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' थमा दिया। गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार मीणा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सहायक रजिस्ट्रार के पास इस तरह के नोटिस या नई गाइडलाइन जारी करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। यह अधिकार केवल निदेशक, रजिस्ट्रार या बीओजी (BOG) के पास सुरक्षित है।

अधिकारी का बचाव और प्रशासन की जांच

दूसरी ओर, सहायक रजिस्ट्रार रमेश ने इस पूरे प्रकरण को 'मामूली कहासुनी' करार देते हुए पल्ला झाड़ने की कोशिश की है, हालांकि नोटिस के सवाल पर वे चुप्पी साध गए। संस्थान के रजिस्ट्रार डॉ. विनोद मित्तल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि किसी भी कर्मचारी का ऐसा अपमान निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की तहकीकात की जाएगी और यदि अधिकारी दोषी पाया गया, तो उस पर गाज गिरना तय है।

टकराव के आसार: "माफी नहीं, तो सहमति नहीं"

NIT पहले ही कई विवादों के कारण चर्चा में रहा है, ऐसे में कर्मचारी संघ अब पीछे हटने को तैयार नहीं है। संघ अध्यक्ष राकेश मीणा ने साफ कर दिया है कि जब तक सहायक रजिस्ट्रार सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और अवैध रूप से जारी किए गए नोटिस वापस नहीं लेते, तब तक संस्थान में शांति बहाल होना मुश्किल है। अब देखना यह होगा कि संस्थान का शीर्ष नेतृत्व इस 'कुर्सी विवाद' को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है।


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