पिहोवा में बरसे कांग्रेस नेता सतनाम सिंह विर्क: मुख्यमंत्री सैनी दूसरों से सवाल पूछने से पहले वादों का हिसाब दें
Jun 10, 2026 10:21 AM
पिहोवा (अभिषेक पूर्णिमा): जैसे-जैसे सूबे की राजनीतिक जमीन तप रही है, वैसे-वैसे बयानों के तीर भी तीखे होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लेकर दागे गए सवालों पर अब कांग्रेस ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता सरदार सतनाम सिंह विर्क ने सत्तापक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा को विपक्ष से हिसाब मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से सवाल पूछने से पहले मुख्यमंत्री सैनी को अपनी सरकार के पिछले वर्षों के कार्यकाल का कच्चा चिट्ठा और चुनावी वादों का रिपोर्ट कार्ड सूबे की जनता की अदालत में रखना चाहिए।
'स्वामीनाथन रिपोर्ट पर यू-टर्न ले चुकी है भाजपा'
सतनाम सिंह विर्क ने कृषि और किसानों के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह बेहद हास्यास्पद है कि जो भाजपा आज विपक्ष को कटघरे में खड़ा कर रही है, उसने खुद किसानों के साथ सबसे बड़ा वादाखिलाफी की है।
विर्क ने अतीत के पन्ने पलटते हुए कहा:
"साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने राष्ट्रीय घोषणापत्र में चीख-चीख कर देश के अन्नदाताओं से वादा किया था कि वे सत्ता में आते ही स्वामीनाथन आयोग की सी2+50% (C2+50%) फार्मूले वाली सिफारिशें हूबहू लागू करेंगे। लेकिन केंद्र और प्रदेश में इतने लंबे समय तक पूर्ण बहुमत की सरकार चलाने के बावजूद इस वादे को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आज भी हरियाणा का किसान लागत मूल्य में बेतहाशा बढ़ोतरी, मंडियों की कुव्यवस्था और फसलों के वाजिब दाम न मिलने के कारण कर्ज के दलदल में धंसता जा रहा है।"
पेपर लीक और बेरोजगारी ने तोड़ी युवाओं की कमर
युवाओं और रोजगार के मोर्चे पर बोलते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने राज्य सरकार की चयन प्रक्रियाओं को एक 'फ्लॉप शो' करार दिया। उन्होंने कहा कि सालाना दो करोड़ रोजगार देने और पारदर्शी शासन का दावा करने वाली भाजपा के राज में हरियाणा देश में बेरोजगारी के मामले में शीर्ष पायदानों पर पहुंच गया है।
भर्ती घोटालों पर रोष प्रकट करते हुए उन्होंने कहा:
"हरियाणा का शायद ही कोई ऐसा कॉम्पिटिटिव एग्जाम बचा हो, जिसका पेपर लीक न हुआ हो या जो कोर्ट-कचहरी के चक्करों में न फंसा हो। सालों-साल कमरों में बंद रहकर, पेट काटकर परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभावान युवाओं का इस भ्रष्ट प्रशासनिक व्यवस्था से पूरी तरह भरोसा उठ चुका है। सूबे की युवा शक्ति आज मुख्यमंत्री से पूछ रही है कि उनके बर्बाद होते समय, मेहनत और टूटते सपनों का असली जिम्मेदार आखिर कौन है?"
महंगाई की चौतरफा मार से हर वर्ग बेहाल
सतनाम सिंह विर्क ने मध्यम वर्ग और गरीबों की सुध लेते हुए कहा कि आज रसोई से लेकर बाजार तक महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल-डीजल और डोमेस्टिक एलपीजी (रसोई गैस) के सिलेंडर की कीमतें जिस बेतहाशा रफ्तार से बढ़ी हैं, उसने घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। दाल, तेल और रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के दाम आम मजदूर और छोटे व्यापारियों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। विर्क के मुताबिक, सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह अक्षम साबित हुई है और उसकी नीतियां कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने तथा आम जनता की जेब पर डाका डालने वाली हैं।
अंत में, कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है और वह सब देख रही है। आज किसान, युवा, कर्मचारी, छोटे व्यापारी और महिलाएं, सभी सरकार की तानाशाही नीतियों से त्रस्त हैं। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस जनता के इन बुनियादी और हक की आवाजों को दबाने नहीं देगी और सड़क से लेकर संसद तक इस जनविरोधी रवैए के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। आने वाले समय में जनता अपने वोटों की चोट से इस पूरी वादाखिलाफी का हिसाब चुकता करेगी।