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पुरुषोत्तम मास में गायत्री महायज्ञ से गूंजा मॉडल टाउन, संतों ने दिया लोकमंगल का संदेश

May 28, 2026 12:31 PM

पिहोवा ( अभिषेक पूर्णिमा) कुरुक्षेत्र जिले के तीर्थ नगरी पिहोवा में इन दिनों पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। मॉडल टाउन स्थित प्रसिद्ध श्री दक्षिणा काली पीठ धाम में श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज के सानिध्य में सात दिवसीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी महाराज द्वारा आयोजित इस यज्ञ में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आहुति डालने पहुंच रहे हैं। पूरा परिसर मंत्रोच्चार, धार्मिक प्रवचनों और भजनों से गुंजायमान है, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालु परिवार और समाज की सुख-समृद्धि के साथ-साथ विश्व कल्याण की कामना लेकर यज्ञशाला की परिक्रमा कर रहे हैं।

गायत्री महायज्ञ से होता है अच्छे संस्कारों का विकास: स्वामी विद्या गिरी

महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर विद्या गिरी महाराज ने कहा कि गायत्री महायज्ञ हमारी सनातन संस्कृति और लोकमंगल की महान परंपरा का हिस्सा है। इससे न केवल मन को असीम शांति मिलती है, बल्कि मानव जीवन में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण भी होता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। पुरुषोत्तम मास की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु को समर्पित यह महीना जप, तप और परोपकार के लिए सर्वोत्तम है।

समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं ऐसे अनुष्ठान

पीठ के श्रीमहंत बंसी पुरी ने प्रवचन के दौरान कहा कि गायत्री महायज्ञ को केवल एक पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह वास्तव में समाज में आपसी सद्भावना, उच्च संस्कार और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक बड़ा जरिया है। यज्ञ की वैज्ञानिकता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण और वातावरण की शुद्धि होती है, जिससे इंसानी मानस में सेवा और संयम की भावना प्रबल होती है। वहीं, पीतांबरा पीठ मां बगलामुखी धाम के महंत भीम पुरी ने कहा कि इस विशेष मास में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है, इसलिए हर व्यक्ति को इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।

31 मई को पूर्णाहुति और विशाल भंडारा

धाम के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 25 मई से शुरू हुआ यह महायज्ञ आगामी 31 मई तक अनवरत जारी रहेगा। यज्ञ के अंतिम दिन भव्य पूर्णाहुति दी जाएगी, जिसके बाद कन्या पूजन और एक विशाल भंडारे का आयोजन होगा। उन्होंने पिहोवा और आसपास के क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे सपरिवार इस अनुष्ठान का हिस्सा बनकर पुण्य के भागीदार बनें। इस धार्मिक समागम में महंत सर्वेश्वरी गिरी, स्वामी महेश पुरी, समाजसेवी विपिन काहड़ा, सरपंच विकल चौबे और पंडित संजय पौलस्त्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग और संत समाज मौजूद रहा।

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