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श्री दक्षिणा काली पीठ में गायत्री महायज्ञ की धूम, स्वामी विद्या गिरी बोलीं- 'यज्ञ से आएगी विश्व शांति'

May 27, 2026 12:56 PM

पिहोवा (अभिषेक पूर्णिमा) कुरुक्षेत्र जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक कस्बे पिहोवा में इन दिनों अध्यात्म की अविरल गंगा बह रही है। मॉडल टाउन की जेपी कॉलोनी स्थित श्री दक्षिणा काली पीठ में आयोजित सात दिवसीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन पूरा माहौल वैदिक मंत्रों की ध्वनि से गुंजायमान रहा। महामंडलेश्वर सुश्री स्वामी विद्या गिरी महाराज और श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज के पावन सानिध्य में चल रहे इस महायज्ञ में दूर-दराज से आए यजमानों, श्रद्धालुओं और संतों ने आहुतियां डालकर विश्व कल्याण और अपने सुखमय जीवन की प्रार्थना की। पीठ के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी ने बताया कि यज्ञ की शुरुआत 25 मई को विधि-विधान से पूजन के साथ हुई थी।

यज्ञ परंपरा से थमेगा समाज का नैतिक पतन: स्वामी विद्या गिरी

महायज्ञ के उपरांत उपस्थित जनमेदिनी को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर सुश्री स्वामी विद्या गिरी महाराज ने भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा स्थापित यज्ञ की यह महान परंपरा आज के दौर में और भी प्रासंगिक हो गई है। यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ मानव मन में त्याग, सेवा और परोपकार की भावना जगाता है। स्वामी विद्या गिरी ने आगे कहा कि आज समाज में जो अशांति और नैतिक पतन दिख रहा है, उसे रोकने का एकमात्र उपाय ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देना है। माता गायत्री वेदों की जननी हैं, जिनकी शरण में आने से बुद्धि और आत्मिक बल मिलता है।

विद्वान ब्राह्मणों ने कराया वैदिक अनुष्ठान

इस अनुष्ठान को पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से संपन्न कराने के लिए आचार्य डॉ. अभिषेक कुश की देखरेख में विद्वान ब्राह्मणों की टोली जुटी हुई है। सुबह से ही शुरू होने वाले मंत्रोच्चार से पूरा पिहोवा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। कार्यक्रम में संतों के सत्कार और व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। पीठ प्रबंधन के मुताबिक, 31 मई को इस यज्ञ की पूर्णाहुति होगी, जिसके बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की उम्मीद है।

प्रबुद्ध नागरिकों और संतों की गरिमामयी उपस्थिति

इस आध्यात्मिक समागम में पीठ के महंत बंसी पुरी के अलावा मां पीतांबरा पीठ बगलामुखी धाम के महंत भीमपुरी, स्वामी महेश पुरी, महंत लक्ष्मी नारायण पुरी, स्वामी धीरज पुरी, स्वामी लखन पुरी और स्वामी निर्भय गिरी सहित संत समाज की कई बड़ी विभूतियां मौजूद रहीं। इसके साथ ही इलाके के गणमान्य नागरिकों में विपिन काहड़ा, बलराम शर्मा, राजेश गोयल, सरपंच विकल कुमार चौबे, देव पूर्णिमा, बारु राम बंसल और सुशील गुप्ता ने भी यज्ञशाला की परिक्रमा कर संतों से आशीर्वाद लिया।

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