पिहोवा में एसपी चंद्रमोहन के जनता दरबार में उमड़ी भीड़, मौके पर ही सुलझाए 50 लोगों के मामले
Jun 19, 2026 4:31 PM
पिहोवा(अभिषेक पूर्णिमा) पुलिस और जनता के बीच की दूरी को पाटने और थानों के चक्कर काट रहे लोगों को तुरंत न्याय दिलाने के लिए पिहोवा में एक बड़ी पहल देखी गई। कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चंद्रमोहन ने शुक्रवार को पिहोवा सदर थाने में खुले जनता दरबार का आयोजन किया। अमूमन बंद कमरों में होने वाली जनसुनवाई को जब खुले दरबार का रूप मिला, तो इलाके के करीब 45 से 50 लोग अपनी-अपनी फाइलें लेकर सीधे कप्तान के सामने पहुंच गए। एसपी ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को न सिर्फ गहराई से पढ़ा, बल्कि मौके पर मौजूद जांच अधिकारियों की क्लास लगाते हुए कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा भी करवाया।
सरस्वती सरोवर की गरिमा और जाम से मुक्ति का उठा मुद्दा
इस खुले दरबार में केवल व्यक्तिगत झगड़े या शिकायतें ही नहीं आईं, बल्कि पिहोवा शहर की सामाजिक और बुनियादी समस्याओं को भी पुरजोर तरीके से उठाया गया। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक सरस्वती सरोवर के सौंदर्य को बिगाड़ रही अवैध रेहड़ियों और वहां पैर पसार चुकी भिक्षावृत्ति (भीख मांगने की समस्या) पर चिंता जताई। इसके अलावा, पिहोवा की सड़कों पर हर समय लगने वाले रेंगते जाम से निजात दिलाने के लिए बाजार के दोनों तरफ पीली पट्टी (नो पार्किंग मार्किंग) लगाने का सुझाव दिया गया। एसपी ने इन जनसमस्याओं को बेहद गंभीरता से लिया और नगर पालिका व स्थानीय पुलिस को इस पर तुरंत संयुक्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
'खाकी का व्यवहार ऐसा हो कि डरे नहीं, खुलकर बात कहे पीड़ित'
फरियादियों की बात सुनने के बाद एसपी चंद्रमोहन ने सदर थाने के तमाम पुलिस अधिकारियों और प्रभारियों की एक विशेष बैठक ली। थाने के रजिस्टरों और पेंडिंग मामलों की केस डायरियों की बारीकी से जांच करते हुए उन्होंने साफ लहजे में कहा कि थाने की चौखट पर आने वाले हर पीड़ित को यह अहसास होना चाहिए कि वह सुरक्षित जगह पर आया है। पुलिसकर्मियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि जनता की सेवा और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, इसलिए थानों में आने वाले हर शख्स से सम्मानजनक और सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार किया जाए।
पौधारोपण से शुरुआत, चाय-नाश्ते के साथ सुनी समस्या
यह जनता दरबार अन्य सरकारी कार्यक्रमों से थोड़ा जुदा नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत एसपी ने थाना परिसर में चार पौधे लगाकर की। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सिर्फ पेड़ लगाना काफी नहीं है, बल्कि उनकी परवरिश की जिम्मेदारी भी हमें खुद उठानी होगी। इसके बाद, दूर-दराज के गांवों से आए फरियादियों के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से चाय और अल्पाहार (नाश्ते) की भी व्यवस्था की गई थी, जिसे लोगों ने खाकी की एक संवेदनशील और मानवीय पहल के रूप में सराहा।
इस मौके पर जुटे शहर के गणमान्य लोग
सदर थाने में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ-साथ शहर की सामाजिक हस्तियां भी मौजूद रहीं। इनमें मुख्य रूप से डीएसपी रणधीर सिंह, थाना सदर प्रभारी सतीश कुमार, गुमथला चौकी इंचार्ज जानपाल सिंह, नगर पालिका प्रधान आशीष चक्रपाणी, सरपंच एसोसिएशन के प्रतिनिधि जे.पी. मैहला, सुरेंद्र ढींगरा, युधिष्ठिर बहल और पीआरओ नरेश कुमार सहित कई पूर्व कर्मचारी व ग्रामीण शामिल हुए।