Search

धनीरामपुरा में आस्था का नया केंद्र: महंत भीम पुरी के हाथों रखी गई जाहरवीर गोगा माड़ी की नींव

May 29, 2026 1:17 PM

पिहोवा (अभिषेक पूर्णिमा) पिहोवा के ग्रामीण अंचल में धार्मिक चेतना और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। गांव धनीरामपुरा अब केवल एक साधारण गांव नहीं, बल्कि जल्द ही जाहरवीर गोगा जी के भक्तों की आस्था का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। शुक्रवार को गांव में आयोजित एक गरिमामयी धार्मिक समारोह के दौरान गोगा माड़ी धाम के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इस मौके पर विशेष रूप से पहुंचे मां बगलामुखी धाम के महंत भीम पुरी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज या गांव में धार्मिक स्थल का निर्माण महज ईंट-गारे का ढांचा खड़ा करना नहीं है, बल्कि यह लोक-कल्याण, सुख-समृद्धि और सामाजिक एकता का प्रतीक होता है। उन्होंने ग्रामीणों को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि वे हर सुख-दुख में गांव के साथ खड़े हैं।

राजस्थान के बागड़ धाम से जुड़ा है तार; सरपंच के प्रयासों की सराहना

इस धार्मिक परियोजना को धरातल पर उतारने में धनीरामपुरा के सरपंच विकल कुमार चौबे और गांव की मौजिज शख्सियतों ने अहम भूमिका निभाई है। मामले की पृष्ठभूमि साझा करते हुए सरपंच विकल चौबे ने बताया कि गांव में लंबे समय से गोगा माड़ी के एक स्थायी धाम की कमी खल रही थी। इसके चलते ग्रामीणों को हर छोटे-बड़े त्योहार या चौदस पर पूजा-अर्चना के लिए मजबूरन आसपास के कस्बों और दूर-दराज के गोगा माड़ी मंदिरों के चक्कर काटने पड़ते थे।

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कुछ समय पहले गांव की एक विशेष कमेटी राजस्थान के सुप्रसिद्ध गोगामेड़ी धाम (बागड़) गई थी। वहां से पूरी रीती-रिवाज के साथ गोगा जी महाराज का 'जोड़ा' लाकर पहले गांव के मस्तान पीर स्थान पर पूरी श्रद्धा के साथ विराजमान किया गया और अब उसी कड़ी में इस भव्य माड़ी धाम की नींव रखी गई है।

सामूहिक सहयोग की अनूठी मिसाल; उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

शिलान्यास के इस पावन अवसर पर धनीरामपुरा और आसपास के इलाकों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा माहौल भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। सरपंच विकल कुमार चौबे ने मंदिर निर्माण में गिलहरी योगदान देने वाले और कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों व ग्रामवासियों का सहृदय आभार व्यक्त किया।

इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने वालों में विक्की वालिया, पवन शर्मा, जिया लाल शर्मा, कमल कश्यप, रूपी भगत, गोपाल भगत, मुकेश शर्मा, रामचंद्र, साहब सैनी, सुरेंद्र सैनी, श्रीचंद कश्यप, ओम प्रकाश, बीराराम कश्यप, रामपाल, रामशरण, लाल सिंह, अभिषेक, प्रदीप, विक्की और भवानी सहित बड़ी संख्या में पंच-सरपंच और ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह धाम आने वाले समय में क्षेत्र की सुख-शांति का पहरेदार बनेगा।

You may also like:

Please Login to comment in the post!